प्रजापति, सिरसा। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच शुक्रवार को प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधा टकराव देखने को मिला। पिछले आठ दिनों से जारी हड़ताल के कारण शहर में लगे कूड़े के ढेरों को हटाने के लिए प्रशासन ने पुलिस बल की मदद ली। भारी सुरक्षा के बीच नगर परिषद की टीमों ने कचरा उठाना शुरू किया, जिसका कर्मचारियों ने कड़ा विरोध किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया, जिससे पूरे शहर में तनाव का माहौल बना रहा।
प्रदेशव्यापी आह्वान पर सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 11 मई तक आंदोलन पर हैं। इस हड़ताल की वजह से सिरसा की गलियों और मुख्य बाजारों में गंदगी का अंबार लग गया है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को जब प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से कूड़ा उठवाना शुरू किया, तो कर्मचारियों ने इसे हड़ताल तोड़ने की साजिश करार दिया। पुलिस और कर्मचारियों के बीच हुई तीखी बहस के बाद कार्रवाई की गई और पुलिस की निगरानी में ही कचरा डंपिंग साइट तक पहुंचाया गया।
सफाई कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि सरकार उनकी जायज मांगों, जैसे कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना और ठेका प्रथा खत्म करने पर ध्यान देने के बजाय दमनकारी नीतियां अपना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसिया कार्रवाई से उनका संघर्ष खत्म नहीं होगा और वे अपनी मांगों पर अड़े रहेंगे। दूसरी ओर, शहरवासी गंदगी और दुर्गंध से फैलने वाली बीमारियों के डर से प्रशासन से जल्द समाधान की गुहार लगा रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का तर्क है कि जनहित में सफाई व्यवस्था बहाल करना अनिवार्य है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

