प्रमोद निर्मल, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी. छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में प्रशासन से लेकर सांसद तक गुहार अनदेखी होने पर अपने गांव और मुख्य मार्ग को बचाने ग्रामीण अब खुद ही मोर्चा संभाल रहे हैं. शिवनाथ नदी के किनारे बसे ग्राम बरारमुंडी के ग्रामीण खुद श्रमदान कर सीमेंट की दीवार बना रहे हैं. लोगों ने खुद चंदा इकट्ठा कर पचरी निर्माण शुरू कर दिया है, जिसमें महिला, पुरुष, बुजुर्ग और युवा जुटे हुए हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि वह अपने पैसे से सीमेंट, छड़, गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री खरीद रहे हैं. वहीं गांव के लोग रोज सुबह-शाम श्रमदान कर निर्माण कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं. बीते दो महीने से लगातार इस लाखों की लागत वाले निर्माण कार्य में ग्रामीण जुटे हुए हैं, लेकिन आज तक न ही अधिकारियों और न ही पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने सुध नहीं ली.

दरअसल, बारिश के दौरान शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने से लगातार कटाव हो रहा है. स्थिति यह है कि गांव को राजनांदगांव समेत अन्य क्षेत्रों से जोड़ने वाली मुख्य सड़क का बड़ा हिस्सा नदी में समा चुका है. सड़क के किनारे लगातार हो रहे कटाव के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है. वहीं नदी का कटाव अब खेतों तक पहुंच चुका है, जिससे ग्रामीणों में डर है कि आने वाले बारिश के मौसम में बाढ़ जैसी स्थिति कारण गांव और सड़क दोनों को भारी नुकसान हो सकता है.

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार विधायक, सांसद और प्रशासनिक अधिकारियों से नदी कटाव रोकने की मांग की, लेकिन किसी स्तर पर ठोस पहल नहीं हुई. इसके बाद गांव के लोगों ने खुद ही चंदा इकट्ठा कर निर्माण कार्य शुरू करने का फैसला लिया.ग्रामीणों ने गांव में बैठक कर यह तय किया कि हर घर से लोग निश्चित समय पर श्रमदान करेंगे. इसी के तहत रोजाना दो पालियों में ग्रामीण निर्माण कार्य में जुट रहे हैं.
इधर जिम्मेदार अफसर इस गंभीर मसले को टालते नजर आ रहे हैं. मामले में लल्लूराम डॉट कॉम के संवादाता ने कलेक्टर से मिलकर उनसे बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मुलाकात के लिए समय नहीं दिया.
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