वैभव बेमेतरिहा की ग्राउंड रिपोर्ट-

रायपुर। आरंग विधानसभा से कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया को हराकर 2023 चुनाव में जीत हासिल कर पहली बार विधायक बनने के साथ साय सरकार में मंत्री बनने वाले गुरु खुशवंत साहब अपने निर्वाचन क्षेत्र में कितने सक्रिय हैं ? ग्रामीणों के बीच उन्हें लेकर कैसी चर्चा है ? ढाई वर्षों का जो कार्यकाल अब तक बीता है, वो गाँव वालों के हिसाब से कैसा रहा ? इसे जानने के लिए लल्लूराम डॉट कॉम की टीम पहुँची आरंग क्षेत्र के गाँवों में… जानिए ग्राउंड रिपोर्ट-

आरंग विधानसभा क्षेत्र में हमारी टीम सबसे पहले मंदिर हसौद पहुँची. मंदिर हसौद के चौराहे पर टीम की नजर रोजी-मजदूरी करने वाले ग्रामीणों पर पड़ी. रोजगार की तलाश में चौक पर खड़े मजदूर आस-पास के गाँवों से थे. मजदूरों ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र है मंदिर हसौद, लेकिन दिहाड़ी का काम भी असानी से नहीं मिलता. अधिकतर मजदूरों ने कहा कि विधायक अब हमारे पहुँच से दूर हैं. गरीबों की सुनवाई नहीं होती. मजदूरों में किसी ने राशन की समस्या बताई, किसी ने आवास नहीं मिलने की बात कही. किसी ने कहा कि इस क्षेत्र में कुछ हुआ ही नहीं.

मंदिर हसौद के बाद हमारी टीम गोढ़ी गाँव पहुँची. गोढ़ी के लोगों से मिलते हुए जैसे-जैसे आगे बढ़ते गए पानी का संकट दिखाई देने लगा. गोढ़ी के बाहर खेत में काम करते कुछ किसान मिले. शहर की ओर जाते युवा मिले. किसानों और युवाओं ने कहा कि विधायक जीतने के बाद इधर आए तो, लेकिन बीते 2 वर्षों में हुआ कुछ नहीं. किसान परेशान हैं. गाँवों पानी का, रोजगार का संकट है.

गोढ़ी से आगे पिपरभट्टा गाँव में एक होटल में हमारी टीम चाय पीने रुकी. होटल संचालक से हमने विधायक को लेकर सवाल किया तो वे नाराज हो गए है. उन्होंने कहा कि यह गाँव तो भाजपा का गढ़ है. मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूँ. लेकिन 2 वर्षों में विकास का कोई काम हुआ ही नहीं. युवाओं ने भी यही दोहराया कि गाँव में कोई काम 2 वर्षों में शुरू ही नहीं हुआ है. शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी पर जोर देने की आवश्यकता है.

अगला पड़ाव भानसोज था. भानसोज के मुख्य चौराहे पर हम जाकर रुके. जहाँ हमें आस-पास कुछ गाँव के लोग ठेले पर, दुकान पर मिले. कुछ महिलाएं भी मिलीं. ग्रामीणों ने कहा कि विकास का कार्य दिख ही नहीं रहा. लोग बिजली बिल से परेशान हैं. कुछ लोगों ने कहा कि विधायक कभी-कभी आते हैं. लेकिन साहब ने कोई काम नहीं किया है. वहीं एक युवा ऐसा भी मिला है जिन्होंने कहा कि उनके गाँव में काफी काम हुआ है. वहीं महिलाओं ने कहा उन्हें पीएम आवास का लाभ नहीं मिला है. महतारी वंदन का लाभ मिल रहा है. लेकिन गाँव-गाँव शराब बिक रहा है. सरकार को शराबबंदी करनी चाहिए.

भानसोज से टीम आगे बढ़ी. कुछ गाँवों में घूमते-फिरते हमारी टीम जरौद गाँव में जाकर रुकी. हमारी नजर गाँव के एक चौराहे में सायकल दुकान पर पड़ी. जहाँ कुछ सियान बैठे हुए थे. जैसे ही हमने उनसे विकास कार्यों और विधायक की सक्रियता पर बात की, तो सबके सब चिल्लाने लगे. ग्रामीणों ने बिजली बिल, पानी का संकट और काम नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की. ग्रामीणों ने कहा कि विधायक आते ही नहीं, तो किससे शिकायत करें और कहाँ सुनवाई हो ?

कलई गाँव पहुँचते ही विधायक की पोल खोलने में ग्रामीण लग गए. ग्रामीणों ने कहा कि बीते 2 वर्षों में एक ट्रॉली मिट्टी तक नहीं गिरी है. न सीसी रोड का काम हुआ है, न नाली का. तालाब का बाउंड्रीवाल भी नहीं हुआ है. विधायक भी इधर नहीं आए हैं. घोषणाएं पूरी नहीं हुई है.

इसी तरह से आगे कुछ और गाँवों में जमीनी पड़ताल करते हुए आरंग शहर पहुँचे. आरंग में भ्रमण के बाद सहकारी बैंक के बाहर बड़ी संख्या में आस-पास पहुँचे गाँव के लोग मिले. महिलाएं भी बड़ी संख्या में थीं. ग्रामीणों-किसानों ने बताया कि आरंग में विकास का हमें नहीं पता. किसी ने कहा कि पीएम आवास नहीं मिला, तो किसी ने सुरक्षा को लेकर सवाल उठा दिया. कुछ ऐसे भी मिले जो गुरु के विधायक और मंत्री बनने से खुश थे. लेकिन काम नहीं होने से नाराज भी. गुल्लू निवासी एक किसान ने कहा कि मेरे गाँव में कोई विकास नहीं हुआ. वहीं कई लोगों ने कहा कि रेत का अवैध खनन अभी भी जारी है. शराब का अवैध कारोबार लगातार जारी है. इस पर रोक नहीं लग पा रहा. समस्याएं अधिक है, समाधान नहीं के बराबर.

देखिए ग्राउंड रिपोर्ट-