दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी सरकारी स्कूलों का ढांचागत ऑडिट कराने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने उत्तरी दिल्ली स्थित एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने के दौरान बुनियादी सुविधाओं और साफ-सफाई में गंभीर खामियां पाए जाने पर अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूल परिसर, कक्षाओं और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने छात्रों से भी बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। छात्रों से मिले फीडबैक के बाद सीएम ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा और शिक्षा के स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों में मौजूद कमियों को तत्काल दूर किया जाए। साथ ही सरकार ने स्कूल प्रशासन से सुधार कार्यों की विस्तृत सूची भी मांगी है, ताकि प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू किया जा सके। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी के कई सरकारी स्कूल लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सरकार पिछले एक साल से युद्धस्तर पर काम कर रही है।

सभी सरकारी स्कूलों का होगा इंफ्रास्ट्रक्चरल ऑडिट

राजधानी के सभी सरकारी स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चरल ऑडिट कराने का फैसला किया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के उत्तरी दिल्ली के रूपनगर स्थित एक सरकारी स्कूल के निरीक्षण के बाद लिया गया, जहां उन्हें बुनियादी सुविधाओं में कई कमियां मिलीं। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों से सीधे बातचीत कर स्कूल में पीने के पानी की उपलब्धता, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, गर्मी से राहत के इंतजाम और पढ़ाई-लिखाई की स्थिति के बारे में जानकारी ली। छात्रों की समस्याएं सुनने के बाद उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। स्कूल दौरे के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि छात्रों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सरकारी स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

जरूरी सुधारों की मांगी लिस्ट

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी स्कूलों में जरूरी सुधार कार्यों की विस्तृत सूची तैयार कर जल्द जमा की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल प्रशासन से बुनियादी सुविधाओं, भवनों की स्थिति और पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधारों का पूरा विवरण मांगा गया है। इसके आधार पर प्राथमिकता तय कर सुधार कार्य शुरू किए जाएंगे। रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी के कई सरकारी स्कूल लंबे समय से कुप्रबंधन, जर्जर ढांचे और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार पिछले एक साल से स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार स्कूलों के बुनियादी ढांचे को सुधारने और छात्रों के लिए सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। इसी कड़ी में अब सभी सरकारी स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाएगा, ताकि कमियों की पहचान कर समयबद्ध तरीके से उन्हें दूर किया जा सके।

गर्मी की छुट्टियों में लगेंगी रेमेडियल कक्षाएं

दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान रेमेडियल कक्षाएं आयोजित करने का फैसला किया है। ये विशेष कक्षाएं 9वीं, 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए आयोजित की जाएंगी। शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, रेमेडियल कक्षाएं सोमवार से शुरू होकर 23 मई तक चलेंगी। प्रत्येक दिन 3 कक्षाएं आयोजित की जाएंगी और हर कक्षा की अवधि 1 घंटे की होगी। निर्देशों में कहा गया है कि कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए विशेष रूप से विज्ञान और गणित विषय पर फोकस किया जाएगा, ताकि कमजोर छात्रों की अवधारणाएं मजबूत की जा सकें और उनके सीखने के समग्र परिणामों में सुधार हो सके। दिल्ली सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई में आई कमियों को दूर करना और आगामी शैक्षणिक सत्र एवं बोर्ड परीक्षाओं के लिए उन्हें बेहतर तरीके से तैयार करना है।

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