वैभव बेमेतरिहा की ग्राउंड रिपोर्ट
रायपुर। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू को हराकर पहली चुनाव में ही जीत दर्ज कर विधायक बनने वाले इंद्रकुमार साहू अपने गृहग्राम में घिर गए हैं. सफाई, पानी, दारू जैसे मुद्दों के बीच विधायक अपने लोगों के बीच फेल हो गए हैं. ग्रामीणों की भारी नाराजगी उनके विधानसभा क्षेत्र से सामने आई है. लल्लूराम डॉट कॉम की टीम ने अभनपुर विधानसभा के कई गाँवों का दौरा कर जमीनी पड़ताल की. विधायक अपने क्षेत्र में कितने सक्रिय हैं ? विकासकार्यों का हाल क्या है ? वादें क्या-क्या पूरे हुए सुनिए ग्रामीणों से-
विधायक इंद्रकुमार साहू के विधानसभा क्षेत्र में ग्राउंड रिपोर्ट की शुरुआत हमारी टीम ने उनके गृहग्राम बेंद्री से की. बेंद्री पहुँचते ही हमने देखा कि साफ-सफाई के मामले में गाँव बेहाल है. स्कूल के नजदीक मैदान में कचरों का ढेर है. हवाओं के साथ कचरा पूरे गाँव में फैल जाता है. ग्रामीणों के बीच पहुँचने पर पता चला सफाई होती ही नहीं. विधायक गाँव में ही रहते हैं, लेकिन ध्यान नहीं देते है. महिलाओं ने कहा कि पानी संकट का समाधान नहीं हो पा रहा है. नल-जल योजना दम तोड़ रही है. दारूबंदी की मांग है, लेकिन बिना रोक-टोक अवैध शराब बिक रही हैं. काम को लेकर लोगों ने कहा कि 2 साल में ऐसा कोई कार्य दिखा ही नहीं जिसे बताया जा सके.
बेंद्री के बाद हम पहुँचे केंद्री गाँव. केंद्री में कच्ची गलियाँ और पंचायत भवन के पास बदहाल गार्डन को देखते हुए जैसे ही बस्ती के अंदर गए महिलाओं की टीम घर के बाहर मिलीं. महिलाओं ने कहा कि केंद्री की सबसे बड़ी समस्या है नशा. शाम होते ही स्टेशन के पास नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है. दारू और गांजा से गाँव बर्बाद हो रहा है. केंद्री में रोजगार का कोई काम खुला ही नहीं है.
अगला पड़ाव था अभनपुर मुख्यालय. अभनपुर वार्ड नंबर 1 पहुँचने पर एक बुजुर्ग मिले. उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर-1 में कोई काम अभी तक हुआ ही नहीं. विधायक तो इधर आते ही नहीं है. वार्ड 1 के बाद हमारी टीम वार्ड 3 पहुँची. लोगों ने बताया कि अभनपुर में 2 वर्षों में कुछ हुआ ही नहीं. एक दिव्यांग के पिता गुस्सा हो गए. उन्होंने भारी नाराजगी के साथ कहा कि उनके कार्यालय में 4 बार गया, काम नहीं हुआ है. तालाब का कार्य भी अधूरा है. कुछ चल रहा तो वो मुरूम बेचना. ज्यादा मत पूछिए पर्दें के पीछ ढेरों कहानियाँ हैं.
भेलवाडीह पंचायत पहुँचने पर घर के बाहर मिली महिलाएं नल जल योजना पर शिकायत करती मिलीं. कई घरों में कनेक्शन अधूरा, तो कहीं पानी की सप्लाई ही नहीं. पानी टंकी महिनों से बंद है. महिलाओं ने कहा कि भेलवाडीह में विकास को आप ढूँढते रह जाएंगे. यहाँ कुछ तो वो है अवैध शराब त्रस्त गाँव. शिकायत के बाद इस पर रोक नहीं लग पाई है.
पचेड़ा के ग्रामीणों ने कहा कि विधायक गाँव की ओर कहाँ आते हैं. चुनावी वादें पूरे नहीं हुए. गाँव में एक टिन शेड का उद्धाटन जरूर हुआ है. लेकिन सड़क, नाली, पानी पर काम ही नहीं हुआ.
निमोरा के लोगों ने कहा कि पानी का सबसे ज्यादा संकट हमारे गाँव में है. पानी संकट को दूर करने कोई ठोस प्रयास नहीं हुआ. कुछ बुजुर्ग विधायक का नाम सुनते ही भड़क उठे. एक युवा ऐसा भी मिला, जिन्होंने बताया नेताओं के वादें ही वादें ही रह जाते हैं. 15 साल में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ है. वर्तमान विधायक काम के मामले में सक्रिय ही नहीं है. बोलने को बहुत कुछ है, लेकिन परिणाम तो निकलेगा ही नहीं, रहने दीजिए.
देखिए अभनपुर विधायक का रिपोर्टकार्ड–

