पटना। बिहार की राजनीति और मनोरंजन जगत के बीच शनिवार को एक दिलचस्प मेल देखने को मिला। पटना में एक तरफ जहां ग्लैमर का तड़का लगा, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक गलियारों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त चेतावनी गूंजी। भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने नए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मुलाकात की, तो वहीं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने भ्रष्ट अधिकारियों को सीधे तौर पर जेल भेजने की चेतावनी दे दी।
अक्षरा सिंह ने दी स्वास्थ्य मंत्री को बधाई
भोजपुरी स्टार अक्षरा सिंह शनिवार को राजधानी पटना पहुंचीं। उन्होंने नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से शिष्टाचार मुलाकात की और उन्हें पदभार ग्रहण करने पर पुष्पगुच्छ देकर बधाई दी। मुलाकात के दौरान अक्षरा सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी भेंट की।
इस बैठक में केवल औपचारिक बधाई का ही आदान-प्रदान नहीं हुआ, बल्कि बिहार में भोजपुरी फिल्म उद्योग के विकास और राज्य में फिल्मों के निर्माण से जुड़ी संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। अक्षरा सिंह ने कहा कि राज्य में कला और कलाकारों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना जरूरी है, जिस पर मंत्री की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
दिलीप जायसवाल का ‘विजय सिन्हा’ अवतार
एक तरफ जहां मेल-मुलाकातों का दौर चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल के कड़े तेवरों ने विभाग में हड़कंप मचा दिया। पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के अंदाज में बोलते हुए जायसवाल ने पत्रकारों से कहा, “मुझे ज्यादा बोलने की आवश्यकता न पड़े, वरना कहर ढहेगा।”
मंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि सिस्टम में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने वाले अफसरों और कर्मचारियों की अब खैर नहीं है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों को न केवल बर्खास्त किया जाएगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भी भेजा जाएगा।
भूमि माफियाओं को सीधी चेतावनी
दिलीप जायसवाल ने विभाग के भीतर मौजूद चुनौतियों को स्वीकार करते हुए उन्हें सुधार के अवसर में बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने जमीन माफियाओं और बिचौलियों के प्रति बेहद सख्त लहजा अपनाते हुए कहा कि अब व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा।
मंत्री ने जोर देकर कहा, “हमारी प्राथमिकता आम जनता को जमीन से जुड़े मामलों में त्वरित और बिना किसी परेशानी के सेवा उपलब्ध कराना है। जनता के प्रति अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
डिजिटल व्यवस्था से थमेगी हेराफेरी
राजस्व मंत्री ने विभाग के आधुनिकीकरण पर भरोसा जताते हुए कहा कि अब जमीन का पूरा डेटा सुरक्षित है। सरकार राजस्व व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। रिकॉर्ड्स के ऑनलाइन होने से अब किसी भी प्रकार की कागजी हेराफेरी या जालसाजी की संभावना न्यूनतम हो गई है। जायसवाल के इन कड़े तेवरों से साफ है कि आने वाले दिनों में राजस्व विभाग में बड़ा सफाई अभियान देखने को मिल सकता है।
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