पानीपत पुलिस ने मणप्पुरम गोल्ड लोन ब्रांच में ग्राहकों के सोने के गहने बदलकर धोखाधड़ी करने वाले पूर्व मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार को गिरफ्तार कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।

प्रवीण भारद्वाज, पानीपत। जीटी रोड स्थित मणप्पुरम फाईनेंस लिमिटेड गोल्ड लोन ब्रांच में गिरवी रखे सोने के गहनों को बदलकर धोखाधड़ी करने के मामले में सीआईए थ्री पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने गिरोह के मुख्य आरोपी और पूर्व ब्रांच मैनेजर राजेसाब महबूल यलगार, निवासी बैलगाम (कर्नाटक) को शुक्रवार शाम सिवाह बस अड्डा के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी ने अपने एक साथी कर्मी के साथ मिलकर लॉकर में रखे असली सोने के कड़े को पीतल के कड़े से बदल दिया था। पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।

लॉकर में पीतल पर सोने का अर्क चढ़ाकर रखा

सीआईए थ्री प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शिमला मौलाना निवासी सुनील ने जुलाई 2025 में अपना लोन चुकाकर गहने वापस लिए थे। पैकेट खोलने पर उन्हें सोने के कड़े के वजन में अंतर महसूस हुआ। जब उन्होंने बाज़ार में सुनार से जांच कराई, तो पता चला कि कड़ा असली सोने का नहीं बल्कि पीतल का है जिस पर सोने की पॉलिश की गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी मैनेजर ने एक कारीगर के जरिए असली कड़े की नकल तैयार करवाई थी। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकारा कि उसने लॉकर से कड़ा निकालकर उसमें से 40 प्रतिशत सोना निकालकर बेच दिया और उसकी जगह पीतल का कड़ा रख दिया था।

फरार साथी की तलाश और नकदी की बरामदगी में जुटी पुलिस

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी राजेसाब ने बताया कि उसने और उसके फरार साथी ने मिलकर गोल्ड रिकॉर्ड चेक करने के बाद इस साजिश को अंजाम दिया था। आरोपी कारीगर दीपक भोला ने भी पुलिस को बताया कि मैनेजर ने उससे असली कड़ा दिखाकर हूबहू नकल तैयार करने को कहा था। थाना शहर पुलिस ने इस संबंध में बीएनएस की धारा 316(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया था। अब पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से वारदात में शामिल उसके फरार साथी के ठिकानों का पता लगाने और सोना बेचकर हासिल की गई नकदी बरामद करने का प्रयास करेगी।