0 NGT नियमों की जांच को माइनिंग जोन में केंद्रीय टीम की दबिश, 12 स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांटों का निरीक्षण
परवेज खान ,यमुनानगर। बल्लेवाला और डोईवाला माइनिंग जोन में मंगलवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की टीम ने अचानक निरीक्षण कर स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांट संचालकों में हड़कंप मचा दिया। टीम ने क्षेत्र में संचालित विभिन्न यूनिटों का दौरा कर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों की पालना और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मानकों की जांच की।
निरीक्षण के दौरान धूल नियंत्रण व्यवस्था, हरित क्षेत्र विकास, सीसीटीवी निगरानी, डस्ट बैग सिस्टम और अन्य पर्यावरणीय प्रावधानों का बारीकी से परीक्षण किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ आकाश मिश्रा ने बताया कि यह कार्रवाई NGT के आदेशों के अनुपालन की समीक्षा के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि यह देखा जा रहा है कि स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांट संचालकों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए निर्धारित नियमों को धरातल पर कितना लागू किया है।
अधिकारियों के अनुसार, करीब 10 से 12 स्क्रीनिंग प्लांट और स्टोन क्रशर यूनिटों की जांच की गई। निरीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजी जाएगी।
आकाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जिन यूनिटों में अनियमितताएं पाई जाएंगी, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा और 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा जाएगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित यूनिटों को सील करने, भारी जुर्माना लगाने और अन्य कानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

गौरतलब है कि NGT के नए दिशा-निर्देशों के तहत स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग प्लांटों में धूल नियंत्रण के लिए फव्वारों की व्यवस्था, पर्याप्त वृक्षारोपण, सीसीटीवी कैमरे और डस्ट कंट्रोल सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है।
केंद्रीय टीम की इस कार्रवाई के बाद माइनिंग और स्टोन क्रशर कारोबार से जुड़े संचालकों में हलचल तेज हो गई है। निरीक्षण के दौरान बीडीपीओ कार्तिक चौहान, कलेसर वन विभाग के रेंज अधिकारी राजीव कुमार, यमुनानगर प्रदूषण नियंत्रण विभाग के एसडीओ विभम नायक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

