Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट ने इस पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने साफ कह दिया है कि किसी एक विवादित ट्रांजेक्शन की वजह से पूरे खाते को फ्रीज करना सरासर गलत है।मामला राजस्थान के एक पेट्रोल पंप संचालक से जुड़ा है, जिसके खाते में साइबर ठगी की शिकायतों के बाद बैंक ने पूरे 7.5 लाख रुपये फ्रीज कर दिए थे।

जस्टिस विनोद कुमार भारवानी ने इस पर सुनवाई करते हुए कहा कि जांच एजेंसियों या बैंकों को केवल उस विवादित राशि को रोकने का हक है, जिस पर ठगी का शक है। पूरे खाते को बंद कर देना इंसान के संवैधानिक और व्यापारिक अधिकारों का हनन है। सीधा मतलब ये कि अगर ठगी 5 हजार की है, तो बैंक आपके बाकी के लाखों रुपये नहीं रोक सकता।
सरपंच फीलिंग स्टेशन के मालिक बनवारी लाल जाट इस मामले को कोर्ट लेकर गए थे। उनके वकील प्रेमचंद देवंदा और अभिषेक देवंदा ने कोर्ट को बताया कि उनके क्लाइंट का पेट्रोल पंप है। कर्नाटक, बंगाल और गुजरात से कुछ शिकायतों के आधार पर उनका पूरा करंट अकाउंट फ्रीज कर दिया गया। इसकी वजह से न तो वो कर्मचारियों को सैलरी दे पा रहे थे और न ही पेट्रोल का भुगतान कर पा रहे थे। कोर्ट ने उनकी बात को सही माना और बैंक को आदेश दिया कि 3 दिन के अंदर विवादित राशि को छोड़कर पूरा खाता डी-फ्रीज करें।
पढ़ें ये खबरें
- वायरल वीडियो पर गरियाबंद प्रशासन का स्पष्टीकरण: उड़ीसा में निवास के कारण आवास सर्वे में नहीं था नाम, पीएम जनमन योजना के तहत जल्द मिलेगा आवास
- तथाकथित बाबा पर युवती के जरिए युवकों को झूठे रेप केस में फंसाकर ब्लैकमेलिंग का आरोप, लोगों ने खोला मोर्चा, पहुंचे थाने
- बंगाल में तीन लाख केंद्रीय बल लगाया था, यूपी में 10 लाख फोर्स लगाना पड़ेगा… SIR को लेकर ये क्या कह गए अखिलेश
- RR vs GT IPL 2026: गुजरात ने एकतरफा मुकाबले में राजस्थान को 77 रन से दी करारी शिकस्त, राशिद ने झटके 4 विकेट
- MP TOP NEWS TODAY: एमपी में 9 मई को क्या कुछ रहा खास? एक क्लिक में पढ़ें आज की सभी बड़ी खबरें
