Dharm Desk :- सदियों पुरानी परंपरा में जीव-जंतुओं को भोजन कराना सेवा और पुण्य से जुड़ा कार्य माना गया है। अलग-अलग जीवों को भोजन करने से सभी तरह की समस्याएं हल होती है। सनातन परंपराओं के अनुसार कबूतर, मछली, कौवा, कुत्ता, गाय और बंदर को भोजन कराने का खास महत्व है। कुछ जगह इसे परिवार की खुशहाली से जोड़ा जाता है।तो वहीं कुछ जगह पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का माध्यम मानते है। इन परंपराओं में प्रत्येक जीव को भोजन कराने के पीछे अलग मान्यता प्रचलित है।

1.कबूतरों को दाना खिलाने से विवाह के योग

कबूतरों को दाना खिलाना जीव सेवा का एक तरीका होता है। लोकविश्वास के अनुसार नियमित रूप से कबूतरों को दाना खिलाने से संतान के विवाह में आने वाली परेशानियां दूर होने और विवाह के योग बनने की कामना की जाती है। इस उपाय को बच्चों के सुखद वैवाहिक जीवन की प्रार्थना से भी जोड़ा जाता है।

2.मछलियों को आटा खिलाने का महत्व

मछलियों को आटा खिलाना भी कई पारंपरिक उपायों में शामिल है।मछलियों को आटे की छोटी-छोटी गोलियां खिलाने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।

3.कौवे को भोजन कराने से मिलती है पितरों को तृप्ति

श्राद्धपक्ष में कौवे को भोजन कराने की परंपरा विशेष रूप से प्रचलित है। श्राद्ध और तर्पण के अवसर पर कौवे के लिए भोजन निकालने को पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने से जोड़ा जाता है।कौवे को मलीदा खिलाने से पूर्वजों की तृप्ति और परिवार की मंगलकामना से जोड़ा जाता है।

4.कुत्ते को रोटी खिलाने का क्या है धार्मिक महत्व

कुत्ते को रोटी या भोजन कराना जीव सेवा का एक प्रचलित तरीका है।ग्रह-नक्षत्रों की गणना के अनुसार में कुत्ते को भोजन कराने को संकटों से बचाव और घर की सुरक्षा की कामना से जोड़ते है।लोक परंपराओं में इसे परिवार के सदस्यों के बीच आपसी संबंध बेहतर होते है।

5.गाय को रोटी खिलाना क्यों है शुभ

हिन्दू परंपरा में गाय को विशेष पूजनीय स्थान प्राप्त है।गाय को रोटी और चारा खिलाना सेवा श्रद्धा और पुण्य से जुड़ा कार्य माना जाता है।प्रचलित धार्मिक मान्यता के अनुसार गाय की सेवा करने से देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।कुछ परिवारों में भोजन करने से पहले गाय के लिए रोटी निकालने की परंपरा आज भी है।

6.बंदरों को भोजन हनुमान जी का आशीर्वाद

बंदरों को भोजन कराना बजरंगबली के प्रति श्रद्धा से भी जोड़ा जाता है।बजरंगबली को वानर समुदाय से संबंधित प्रसंगों के कारण याद किया जाता है।बंदरों को भोजन कराने और उनकी सेवा करने से बजरंगबली का आशीर्वाद होता है।इसे अच्छी सेहत और लंबी आयु की प्रार्थना से भी जोड़ा जाता है।