आम आदमी पार्टी (AAP) की प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ (Priyanka Kakkar) ने पार्टी छोड़ दी है। शनिवार को उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कक्कड़ लंबे समय से टीवी डिबेट और अन्य सार्वजनिक मंचों पर पार्टी का पक्ष रखती रही हैं। प्रियंका कक्कड़ के साथ रजत राकेश टंडन (Rajat Rakesh Tandon) और पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा (Shyam Sundar Sharma) ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली। उनके कांग्रेस में शामिल होने के बाद दिल्ली की राजनीति में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रियंका कक्कड़ का पार्टी छोड़ना ऐसे समय में हुआ है, जब AAP के कुछ नेताओं के पार्टी नेतृत्व से मतभेद और दूसरे राजनीतिक दलों में जाने को लेकर खबरें सामने आई हैं। इनमें राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम भी शामिल रहा है।
टीवी डिबेट में AAP का पक्ष रखती थीं कक्कड़
पेशे से वकील प्रियंका कक्कड़ आम आदमी पार्टी की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता थीं। वह टीवी डिबेट में पार्टी का पक्ष रखने के लिए जानी जाती थीं। भाजपा के प्रवक्ताओं के साथ उनकी बहस से जुड़े वीडियो भी समय-समय पर सोशल मीडिया पर वायरल होते रहे हैं। शनिवार को प्रियंका कक्कड़ ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव, वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला और पवन खेड़ा की मौजूदगी में उन्होंने कांग्रेस में औपचारिक रूप से प्रवेश किया। कक्कड़ के साथ रजत राकेश टंडन और पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली।
‘मुझे वह दिल्ली वापस चाहिए’: प्रियंका कक्कड़
कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि वह गर्व के साथ पार्टी में शामिल हो रही हैं, क्योंकि वह ऐसी दिल्ली चाहती हैं जिसमें वह बड़ी हुई हैं। उन्होंने स्वच्छ, हरित, प्रगतिशील और सुरक्षित दिल्ली की जरूरत बताई। कक्कड़ ने कहा कि एक दशक से अधिक के राजनीतिक अनुभव के बाद उन्हें लगता है कि कांग्रेस ही इस दिशा में काम कर सकती है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विश्वसनीय नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने उनके खिलाफ राजनीतिक दबाव और आलोचनाओं के बावजूद उन्हें और कांग्रेस को अपने रुख पर कायम रहते देखा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की राजनीति में राहुल गांधी को लेकर उनकी धारणा उनके सार्वजनिक बयानों और राजनीतिक गतिविधियों से बनी है।
‘बंगला-चॉपर’ को लेकर कक्कड़ ने बताई पार्टी छोड़ने की वजह
आम आदमी पार्टी छोड़ने की वजह बताते हुए प्रियंका कक्कड़ ने पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने ‘बंगला-चॉपर’ का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी में पहले बंगला और गाड़ी नहीं लेने की बात कही जाती थी, लेकिन बाद में निजी यात्राओं के लिए चॉपर के इस्तेमाल की स्थिति सामने आई। उन्होंने कहा कि वह ऐसी व्यवस्था का बचाव नहीं कर सकती थीं। कक्कड़ ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी ने शुरुआत में कई प्रतिभाशाली लोगों को अपने साथ जोड़ा, लेकिन बाद में उन्हें पार्टी में बनाए रखने में कामयाब नहीं रही। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को बड़े पद दिए जा रहे हैं, जिन्होंने पार्टी के लिए बूथ स्तर पर भी काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को लेकर वह सार्वजनिक रूप से पार्टी का बचाव नहीं कर सकती थीं और इसी वजह से उन्होंने AAP छोड़ने का फैसला किया।
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