Rajasthan News: सिरोही और आबू रोड के बीच सोमवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया जब ACB (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) की टीम ने श्रम कल्याण विभाग के अधिकारी की गाड़ी को बीच रास्ते में रोक लिया। टीम को पक्की सूचना थी कि साहब वसूली करके लौट रहे हैं। जब गाड़ी की तलाशी ली गई, तो नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। कार के अंदर 500-500 की नोटों की गड्डियां पॉलीथीन में लपेटकर रखी गई थीं।

आबू रोड से सिरोही तक बिछाया जाल

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जोधपुर टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि श्रम कल्याण अधिकारी हर्षदीप सिंह गिल और उनके जूनियर असिस्टेंट विकास कुमार आबू रोड इलाके की औद्योगिक इकाइयों (इंडस्ट्रीज) से अवैध वसूली कर रहे हैं। इनपुट मिला था कि ये दोनों अनुबंधित सरकारी गाड़ी से मोटी रकम लेकर सिरोही मुख्यालय की तरफ निकल रहे हैं। इसके बाद डीआईजी के निर्देश पर एसीबी की सिरोही यूनिट ने घेराबंदी की और गाड़ी को रुकवा लिया।

बैग खुलते ही उड़े होश, मिलीं नोटों की गड्डियां

जैसे ही एसीबी की टीम ने कार का दरवाजा खोला, अधिकारी हर्षदीप सिंह और विकास कुमार के चेहरे का रंग उड़ गया। तलाशी के दौरान एक संदिग्ध बैग मिला, जिसमें 500-500 रुपये की तीन बड़ी गड्डियां बरामद हुईं। कुल 1,50,000 रुपये नकद देखकर टीम ने जब सवाल किया तो दोनों में से कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। न तो उनके पास आय का कोई स्रोत था और न ही उस राशि का कोई हिसाब।

औद्योगिक इकाइयों से वसूली का शक

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ये पैसे आबू रोड की फैक्ट्रियों और यूनिट्स से सुविधा शुल्क के नाम पर वसूले गए थे। एसीबी ने फिलहाल डेढ़ लाख की इस संदिग्ध राशि को जब्त कर लिया है। अब ब्यूरो यह पता लगाने में जुटा है कि इस खेल में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।

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