लवकुश बैरागी, आगर मालवा। आगर मालवा में कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीणा को पद से हटाने की मांग को लेकर बुधवार को भारतीय किसान संघ ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 3 बजे बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठ गए। किसानों ने ‘किसान विरोधी कलेक्टर वापस जाओ’ के नारे लगाते हुए अपनी मांगों को लेकर जमकर आवाज बुलंद की। देखते ही देखते कलेक्ट्रेट के बाहर आंदोलन का ऐसा नजारा बना कि शाम होते-होते यहां चूल्हा जल गया और दाल-बाटी बनने लगी।

किसानों ने साफ कर दिया कि यह सिर्फ कुछ घंटे का धरना नहीं है। मांगें पूरी नहीं होने तक वे कलेक्ट्रेट के बाहर ही डटे रहेंगे। इसी संदेश के साथ किसान शाम को अपने साथ खाना बनाने का सामान लेकर पहुंचे और मुख्य द्वार के सामने ही दाल-बाटी बनाना शुरू कर दिया। कलेक्ट्रेट के बाहर चूल्हा जलते और दाल-बाटी पकते देख वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। किसानों ने वहीं बैठकर भोजन किया और इसके बाद भी धरना जारी रखा।

ये भी पढ़ें: भोपाल में वकील से मारपीट मामले में FIR: एडवोकेट राकेश रावल पर केस दर्ज, TI समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित

भारतीय किसान संघ ने लगाए ये आरोप

भारतीय किसान संघ का आरोप है कि कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीणा का रवैया किसानों के प्रति लगातार उपेक्षापूर्ण रहा है। किसान संघ पहले ही कलेक्टर के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंप चुका है। अब किसानों ने कलेक्टर को पद से हटाने को अपनी प्रमुख मांग बनाते हुए आंदोलन तेज कर दिया है। किसानों के अनुसार, उनकी 37 सूत्रीय मांगें भी लंबे समय से लंबित हैं। इनमें सोयाबीन फसल नुकसान का बीमा भुगतान, पीला मोजेक से प्रभावित फसलों का सर्वे सहित किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।

कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर बनी दाल बाटी

किसानों का कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और कलेक्टर को हटाने की मांग पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कलेक्ट्रेट के बाहर करीब एक हजार किसानों की मौजूदगी ने आंदोलन को बड़ा रूप दे दिया। दिनभर नारेबाजी और धरने के बाद जब कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर ही दाल-बाटी बनने लगी तो आंदोलन का यह अंदाज पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया।

मनाने में जुटे अधिकारी

इधर, किसानों के बढ़ते जमावड़े और उनके अनोखे प्रदर्शन को देखते हुए अधिकारी भी लगातार किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाने और आंदोलन समाप्त कराने के प्रयास में जुटे रहे, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। किसानों के इस प्रदर्शन ने प्रशासन के सामने साफ संदेश रखा है कि इस बार किसान केवल ज्ञापन देकर लौटने के मूड में नहीं हैं। कलेक्ट्रेट के बाहर चूल्हा जलाकर दाल-बाटी पकाने के अंदाज में किसानों ने संकेत दे दिया कि जरूरत पड़ी तो धरना लंबा चलेगा और वे आंदोलन स्थल को ही अपना अस्थायी पड़ाव बना लेंगे।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m