अहमदाबाद: शहर को हरित और जलवायु अनुकूल बनाने की दिशा में अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) की अभिनव पहल ‘मिशन मिलियन ट्रीज’ ने वैश्विक स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। इस महत्वाकांक्षी अभियान को अंतरराष्ट्रीय बागवानी उत्पादक संघ (AIPH) द्वारा ‘वर्ल्ड ग्रीन सिटी अवार्ड-2026’ की ‘लिविंग ग्रीन फॉर क्लाइमेट चेंज’ श्रेणी में विजेता घोषित किया गया है। दुनिया के 21 फाइनलिस्ट शहरों को पीछे छोड़ते हुए अहमदाबाद ने यह प्रतिष्ठित उपलब्धि हासिल की है।

15 सितंबर को इटली के बारी शहर स्थित ऐतिहासिक ‘कास्तेलो स्वेवो’ में आयोजित 78वीं AIPH वार्षिक कांग्रेस के दौरान इस पुरस्कार की घोषणा की गई। अहमदाबाद को यह सम्मान उसके व्यापक हरित मॉडल, बंजर भूमि के पुनरुद्धार और मापने योग्य पर्यावरणीय परिणामों के लिए दिया गया है।

अहमदाबाद के ‘मिशन मिलियन ट्रीज’ की मुख्य विशेषताएं:

  • 1.43 करोड़ पौधरोपण: वर्ष 2019 से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक शहर भर में 1.43 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। चालू वर्ष में 50 लाख अतिरिक्त पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • बंजर भूमि का कायाकल्प: 4 लाख वर्ग मीटर से अधिक अनुपयोगी और बंजर जमीन को जैव विविधता पार्कों, शहरी वनों और हरित क्षेत्रों में परिवर्तित किया गया है।
  • जैव विविधता का संरक्षण: अभियान के तहत लगभग 184 स्थानीय प्रजातियों के वृक्षों और वनस्पतियों को संरक्षित किया गया है।
  • आधुनिक तकनीक का उपयोग: पौधों की शत-प्रतिशत ट्रैकिंग और निगरानी के लिए जियो-टैगिंग, डिजिटल डैशबोर्ड, लाइडार (LiDAR) और आरजीबी (RGB) सेंसर जैसी आधुनिक तकनीक अपनाई जा रही है।
  • सस्टेनेबल सिंचाई: पौधों की सिंचाई के लिए दूषित पानी को रिसाइकिल (शुद्ध) करके उपयोग में लाया जा रहा है।

पर्यावरण और तापमान पर सकारात्मक प्रभाव:

मनपा के आंकड़ों के अनुसार, इस घने पौधरोपण के कारण शहर के हरित क्षेत्रों में स्थानीय तापमान में 2 से 2.5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा, 2020 से 2024 के बीच खराब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) वाले दिनों में 43% की उल्लेखनीय कमी आई है। आधुनिक तकनीक, बंजर भूमि के उपयोग और जनभागीदारी के इस सफल मॉडल ने अहमदाबाद को जलवायु परिवर्तन से निपटने में एक वैश्विक उदाहरण बना दिया है।

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