सोमवार को अहमदाबाद के सोला गांव के तालाब के पास निर्माणाधीन 30 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में हुए एक दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य की हालत स्थिर बनी हुई है। इस दुर्घटना के बाद प्रशासन और निर्माण कंपनी दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पंप हाउस में निरीक्षण के दौरान हुआ हादसा घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, सोला क्षेत्र में 30 एमएलडी क्षमता वाले नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था। सोमवार को पंप हाउस के अंदर जांच का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान एक कर्मचारी का अचानक पैर फिसल गया और वह सीधे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के गहरे कुएं में जा गिरा। उसे डूबने या संकट में देख बचाने के लिए तुरंत प्लांट के सुपरवाइजर और दो अन्य लोग भी कुएं में उतर गए, जो देखते ही देखते हादसे का शिकार हो गए।

फायर ब्रिगेड ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। दमकल विभाग के जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद चारों लोगों को कुएं से बाहर निकाला। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी सोला सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद साइट इंचार्ज मनोज और वेल्डर अभिषेक को बचाया नहीं जा सका, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं, इस हादसे में घायल हुए प्लांट मैनेजर रूपेश और ड्राइवर नीलेश की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक कार्रवाई

प्रारंभिक जांच और महानगरपालिका की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि मौके पर सुरक्षा साधनों का भारी अभाव था। मजदूरों और कर्मचारियों को बिना पुख्ता सुरक्षा उपकरणों के काम पर लगाया गया था। यहां तक कि सुरक्षा बैल्ट या अन्य साधनों के बिना ही कार्य किया जा रहा था, जो इस बड़े हादसे का मुख्य कारण बना।

इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए संबंधित महानगरपालिका ने निर्माण कार्य संभाल रही कंपनी मेसर्स एचएनबी इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। मनपा ने काम में भारी लापरवाही बरतने के मामले में कंपनी को 50 लाख रुपए की पेनल्टी का नोटिस जारी किया है। दूसरी ओर, बढ़ते दबाव और नैतिक जिम्मेदारी को देखते हुए कंपनी ने दोनों मृतक मजदूरों के परिजनों को 25-25 लाख रुपए का मुआवजा देने की प्रतिबद्धता जताई है। इस दुखद घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्रों और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है।

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