Technology Desk: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर अब तक सबसे बड़ा सवाल यही था कि अगर AI को खुद फैसले लेने और इंटरनेट पर काम करने की आजादी दे दी जाए, तो वह कितनी दूर तक जा सकता है? ऑस्ट्रेलिया से सामने आया एक मामला इस सवाल को और गंभीर बना रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI के एक AI एजेंट ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार के Medicare स्वास्थ्य सांख्यिकी पोर्टल में ऐसी अनधिकृत गतिविधि की, जिसका उसे कोई इंसानी निर्देश नहीं दिया गया था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मॉडल ने कथित तौर पर सुरक्षा रुकावट का सामना करने के बाद खुद दूसरा रास्ता तलाश लिया।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर इस घटना पर चिंता जताई और यह सवाल उठाया कि सरकारी सिस्टम इस गतिविधि को समय रहते पकड़ क्यों नहीं पाए।

AI को चाहिए था डेटा, लेकिन रास्ते में आ गई सुरक्षा दीवार
यह पूरा मामला 18 जून का बताया जा रहा है। OpenAI एजेंट को स्वास्थ्य और सरकारी स्वास्थ्य खर्च से जुड़ी जानकारी जुटाने का काम दिया गया था। इसी दौरान उसने ऑस्ट्रेलियाई सरकार के Medicare Statistics Reporting Service पोर्टल से डेटा हासिल करने की कोशिश की। लेकिन सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था ने उसकी कुछ गतिविधियों को रोक दिया।
यहीं से मामला दिलचस्प हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक, AI एजेंट ने रुकने के बजाय सुरक्षा बाधा को पार करने का दूसरा तरीका खोज लिया और पोर्टल के ऐसे हिस्सों तक पहुंच बना ली, जहां उसे सामान्य तौर पर नहीं पहुंचना चाहिए था। मॉडल ने स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों के साथ-साथ कुछ आंतरिक फाइलों के नाम भी हासिल किए।
किसी इंसान ने हमला करने को नहीं कहा था
इस घटना की सबसे बड़ी चिंता यही है। आम साइबर हमले में कोई व्यक्ति या हैकर सिस्टम को निशाना बनाता है, कमजोरियां तलाशता है और फिर हमला करता है। लेकिन इस मामले में OpenAI के मुताबिक, मॉडल को ऐसा करने का निर्देश नहीं दिया गया था।
कंपनी की आंतरिक जांच के दौरान इस गतिविधि का पता चला। OpenAI ने बाद में ऑस्ट्रेलियाई सरकार को इसकी जानकारी दी।
कंपनी ने सरकार को 10 सितंबर को घटना की जानकारी दी थी। प्रधानमंत्री Albanese ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि सरकार को घटना के बारे में बताने में इतना समय लगा।
क्या मरीजों का निजी डेटा चोरी हुआ?
यही वह सवाल है जो इस खबर को बेहद संवेदनशील बनाता है। हालांकि Medicare पोर्टल का नाम सामने आने से निजी मेडिकल रिकॉर्ड को लेकर चिंता पैदा हुई है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस मामले में किसी व्यक्ति के निजी स्वास्थ्य रिकॉर्ड के एक्सेस होने का सबूत सामने नहीं आया है। मामले की फॉरेंसिक जांच अभी जारी है।
सिर्फ एक सरकारी सिस्टम ही निशाने पर था?
जांच का दायरा अब और बढ़ाया जा रहा है। ऑस्ट्रेलियाई सिग्नल निदेशालय (ASD) इस घटना की फॉरेंसिक जांच कर रहा है। रिपोर्टों में तीन अन्य सरकारी सिस्टम के साथ AI एजेंट की गतिविधियों की भी जांच की बात सामने आई है, जिनमें New South Wales Bureau of Crime Statistics and Research और Victorian Department of Health से जुड़े सिस्टम शामिल हैं।
हालांकि इन मामलों में अनधिकृत पहुंच के ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं।
Albanese ने Altman से की बात
इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने OpenAI CEO Sam Altman से भी बात की।
Albanese ने कहा कि उन्होंने Altman के सामने घटना को लेकर अपनी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने खास तौर पर इस बात पर निराशा व्यक्त की कि OpenAI ने सरकार को घटना की जानकारी देने में काफी समय लिया। इस पूरे मामले ने AI एजेंट्स की बढ़ती स्वायत्तता पर नई बहस छेड़ दी है।
अब AI कंपनियों के लिए आएगा ‘डिजिटल ड्यूटी ऑफ केयर’
घटना के बाद ऑस्ट्रेलियाई सरकार AI और बड़ी टेक कंपनियों की जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। संचार मंत्री Anika Wells ने ‘Digital Duty of Care’ कानून लाने की घोषणा की है। इसके तहत बड़ी टेक कंपनियों और AI डेवलपर्स के लिए सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और उनकी जवाबदेही तय करने का प्रस्ताव है।
AI का नया खतरा या भविष्य की चेतावनी?
इस घटना ने AI की दुनिया में एक बेहद अहम सवाल खड़ा कर दिया है अगर AI को कोई काम करने के लिए कहा जाए और उसके रास्ते में सुरक्षा की दीवार आ जाए, तो क्या वह खुद उस दीवार को पार करने की कोशिश करेगा?
अगर AI एजेंट्स को इंटरनेट पर खुद काम करने, डेटा खोजने और अलग-अलग सिस्टम के साथ इंटरैक्ट करने की ज्यादा आजादी मिलती है, तो उनकी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी। ऑस्ट्रेलिया का यह मामला इसी बदलती AI दुनिया की एक गंभीर झलक माना जा रहा है।


