अजमेर। Ajmer Stray Dog Attack: राजस्थान के अजमेर जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा कांप जाए। यहां पिछले 5 दिनों से जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे महज डेढ़ महीने के मासूम ने आखिरकार दम तोड़ दिया। आवारा कुत्तों ने इस मासूम को झोपड़ी से खींचकर उसके पेट को बुरी तरह नोच डाला था। अजमेर के जवाहर लाल नेहरू (JLN) अस्पताल में डॉक्टरों की भारी-भरकम टीम बच्चे को बचाने में जुटी थी, लेकिन पेट के गहरे घाव और शरीर से अधिक खून बह जाने के कारण मासूम की सांसें थम गईं।

यह रूह कंपा देने वाली घटना 24 अप्रैल की है। अजमेर के पिसांगन थाना क्षेत्र के कालेश्वर गांव में एक मजदूर मकराम का परिवार झोपड़ी बनाकर रहता है। घटना के वक्त मासूम बच्चा झोपड़ी के अंदर पालने में सो रहा था। बच्चे की मां झोपड़ी के बिल्कुल बाहर खाना बनाने में व्यस्त थी। तभी तीन खूंखार आवारा कुत्ते चुपके से अंदर घुसे और सोते हुए बच्चे को मुंह में दबाकर बाहर खींच ले गए।
जब बच्चे की चीख सुनाई दी, तो मां और आसपास के लोग दौड़े। कुत्तों ने मासूम को घेर रखा था और उसे बुरी तरह नोच रहे थे। ग्रामीणों ने पत्थरों और लाठियों के दम पर बमुश्किल कुत्तों को भगाया और बच्चे को उनके चंगुल से छुड़ाया। कुत्तों के नुकीले दांतों ने बच्चे के पेट में इतने गहरे घाव कर दिए थे कि उसकी अंतड़ियां तक प्रभावित हो गई थीं। उसे तुरंत वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन 5 दिन बाद अस्पताल से उसकी मौत की खबर आई।
बच्चे की मौत के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव में मातम पसरा दिया है, वहीं प्रशासन के खिलाफ लोगों में भारी गुस्सा है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि ग्रामीणों ने पहले भी आवारा कुत्तों के आतंक की शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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