लखनऊ में सपा के फ्रंटल संगठनों की बैठक में अखिलेश यादव ने रोजगार, पेपर लीक और आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म कर पक्की नौकरियां देने का वादा किया गया है.
लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में समाजवादी युवजन सभा, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड, समाजवादी छात्र सभा समेत पार्टी के अन्य फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए. इस दौरान संगठन की तैयारियों, आगामी चुनाव और प्रदेश के राजनीतिक माहौल पर चर्चा हुई.
रोजगार पर सरकार को घेरा
बैठक के बाद अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में करीब 20 पेपर लीक हुए हैं और सरकार छात्रों तथा नौजवानों को नौकरी नहीं देना चाहती.

अखिलेश यादव ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए. उनका कहना था कि सरकारी नौकरी में वेतन का भुगतान बजट से करना पड़ता है, जबकि आउटसोर्सिंग में कंपनियों के माध्यम से भुगतान किया जाता है और इसमें गड़बड़ी की गुंजाइश रहती है.
अखिलेश यादव पहले भी कह चुके हैं कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म कर पक्की नौकरी दी जाएगी.
आरक्षित सीटों पर समीक्षा
अखिलेश यादव ने बताया कि बैठक में उत्तर प्रदेश की आरक्षित सीटों को लेकर भी चर्चा हुई. पार्टी ने इन सीटों से जुड़ी रिपोर्ट ली है और उसकी समीक्षा की है.
उन्होंने दावा किया कि सामने आ रही रिपोर्ट के आधार पर समाजवादी पार्टी इस बार रिकॉर्ड संख्या में सीटें जीतने की स्थिति में होगी. यह उनके राजनीतिक आकलन के रूप में है.
एआई और चुनावी तैयारी
अखिलेश यादव ने राजनीति में नकारात्मक प्रचार से बचने और एआई के उचित इस्तेमाल की बात कही. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से लगातार नकारात्मक प्रचार किया जा रहा है, जिसके कारण समाजवादी पार्टी को भी वीडियो बनाने पड़ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में समाजवादी पार्टी पीछे नहीं छूटना चाहती और कई चीजें मजबूरी में करनी पड़ती हैं. बैठक में फ्रंटल संगठनों को चुनावी तैयारियां तेज करने और संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने का संदेश दिया गया.
पार्टी की बैठक में युवाओं, महिलाओं, रोजगार, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की रणनीति पर जोर दिया गया.



