लखनऊ. उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव में समाजवादी पार्टी अब तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारेगी. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार (6 अक्टूबर) को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसका संकेत दिया. उन्होंने एक्स पर लिखा, “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है.” उनके इस बयान के बाद माना जा रहा है कि पार्टी ने तीसरी सीट के लिए अपना दांव वापस ले लिया है और अब उसका फोकस 2027 के विधानसभा चुनाव पर है.
इसे भी पढ़ें- लखनऊ एयरपोर्ट के लेबर कैंप में भीषण आग, तीन मंजिला बिल्डिंग जलकर खाक; 300 मजदूर रहते थे
तीसरे उम्मीदवार को लेकर बना था सस्पेंस
सपा ने सोमवार तक तीसरे उम्मीदवार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की थी. पार्टी विधायक रविदास मेहरोत्रा ने कहा था कि तीसरे उम्मीदवार के नामांकन के लिए 10 विधायकों के प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर कराए गए हैं. इससे यह संभावना बनी हुई थी कि सपा राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए मुकाबले में उतर सकती है.
अखिलेश के पोस्ट से बदली तस्वीर
मंगलवार सुबह अखिलेश यादव के “तीन नहीं, 403” वाले पोस्ट के बाद तीसरे उम्मीदवार को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया. रिपोर्टों के मुताबिक, सपा अब राज्यसभा की तीसरी सीट के बजाय उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अपना राजनीतिक फोकस रखने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है.
बीजेपी ने उतारे हैं आठ उम्मीदवार
बीजेपी ने सोमवार को यूपी से राज्यसभा चुनाव के लिए आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए थे. इनमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं. राज्यसभा चुनाव 16 अक्टूबर को होना है.
इसे भी पढ़ें- बालिग बेटी को इच्छा के खिलाफ साथ रहने को मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, इलाहाबाद HC ने याचिका खारिज की
निर्विरोध निर्वाचन की संभावना बढ़ी
सपा की ओर से तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारे जाने पर बीजेपी के आठ और सपा के दो उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की संभावना मजबूत हो गई है. सपा की ओर से रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी पहले ही उम्मीदवार बनाए जा चुके हैं।. इस तरह 10 सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या भी 10 ही रह जाती है.

