लखनऊ. लखनऊ एयरपोर्ट परिसर में बने लेबर कैंप में मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे भीषण आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में तीन मंजिला अस्थायी बिल्डिंग इसकी चपेट में आ गई. आग की लपटें करीब 20 फीट ऊंची उठ रही थीं और धुएं का गुबार करीब 2 किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.

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टर्मिनल से 250 मीटर दूर बनी थी बिल्डिंग

आग जिस बिल्डिंग में लगी, वह एयरपोर्ट टर्मिनल से करीब 250 से 300 मीटर की दूरी पर स्थित है. इसे मजदूरों के रहने के लिए अस्थायी तौर पर PVC यानी प्लास्टिक सामग्री से बनाया गया था. अधिकारियों के अनुसार, प्लास्टिक से बने होने के कारण आग तेजी से पूरी बिल्डिंग में फैल गई.

33 कमरों में रहते थे करीब 300 मजदूर

लेबर कैंप की इस तीन मंजिला बिल्डिंग में करीब 33 छोटे कमरे थे. इनमें लगभग 300 मजदूर रहते थे. बताया गया है कि ये मजदूर एयरपोर्ट परिसर में एक होटल के निर्माण कार्य में लगे हुए हैं. आग लगने के दौरान कई मजदूरों ने बाहर निकलकर अपनी जान बचाई. कुछ लोगों के सामान के जलने की बात सामने आई है.

एक घंटे में आग पर पाया काबू

आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. दमकलकर्मियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. इस दौरान हाईवे से गुजर रहे लोगों ने आग और धुएं के वीडियो बनाए. शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

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विमानों का संचालन प्रभावित नहीं

आग एयरपोर्ट टर्मिनल से कुछ दूरी पर लगी थी, इसलिए विमानों के संचालन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा. आग लगने की वजह अभी स्पष्ट नहीं है. संबंधित टीमें मामले की जांच कर रही हैं. सीतापुर निवासी मजदूर रामपाल ने बताया कि वह नाइट ड्यूटी के बाद सो रहा था. नीचे के फ्लोर पर आग लगी और देखते ही देखते कई कमरे जल गए. उसने बताया कि ऊपर के कमरे में होने के कारण वह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहा, लेकिन उसके कपड़े और पैसे जल गए.