जालौन. उत्तर प्रदेश के चर्चित आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. जालौन में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात रिंकू सिंह ने राज्यपाल को पत्र भेजकर पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलने का आरोप लगाया है. उन्होंने उरई कोतवाली में तहरीर नहीं लिए जाने की शिकायत भी की है. मामले में राज्यपाल सचिवालय ने मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र भेजकर जांच और अधिकारी व उनके परिवार को समुचित सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.
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2009 के हमले जैसी घटना की जताई आशंका
रिंकू सिंह राही ने राज्यपाल को भेजे पत्र में आशंका जताई है कि उनके साथ दोबारा जानलेवा हमला हो सकता है. उन्होंने 2009 में मुजफ्फरनगर में हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलने के कारण उनकी जीवनशैली भी सीमित हो गई है. उन्होंने खुद और परिवार के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है.
उरई कोतवाली में तहरीर नहीं लेने का आरोप
आईएएस अधिकारी का आरोप है कि उन्होंने उरई कोतवाली प्रभारी आनंद कुमार सिंह को अपनी शिकायत की तहरीर दी, लेकिन उसे लेने से इनकार कर दिया गया. रिंकू सिंह ने राज्यपाल से कोतवाली प्रभारी के इस कथित आचरण की जांच कराने और दोष पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी जरूरी है.
करोड़ों के घोटाले का पर्दाफाश करने के बाद हुआ था हमला
रिंकू सिंह राही 2009 में समाज कल्याण विभाग में तैनात थे. उन्होंने उस दौरान करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया था. इसके बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ था. हमले में उन्हें कई गोलियां लगी थीं, जिससे उनका जबड़ा टूट गया और एक आंख की रोशनी चली गई थी. मामले में अदालत ने 2021 में चार दोषियों को 10-10 साल की सजा सुनाई थी.
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राज्यपाल सचिवालय ने डीजीपी और मुख्य सचिव को लिखा पत्र
रिंकू सिंह का पत्र मिलने के बाद राज्यपाल के विशेष सचिव ने डीजीपी और मुख्य सचिव को पत्र भेजा. इसमें मामले की जांच कराने और आईएएस अधिकारी के साथ उनके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. अब संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आगे की कार्रवाई की जानी है.

