अल कायदा की यमन शाखा AQAP के अनौपचारिक मुखपत्र ‘अल बयान’ ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हाईजैक करने की नाकाम कोशिश पर संपादकीय प्रकाशित किया है. इसमें को-पायलट को सराहा गया है. लेख में 9/11 हमले से तुलना करते हुए इसे ‘यहूदी-यूएई विमान’ बताया गया. ओमानी को-पायलट की कथित कोशिश का समर्थन जताया है. फ्लाईदुबई के विमान की तस्वीरें भी साथ प्रकाशित की गई हैं.
फ्लाईदुबई फ्लाइट की घटना में आरोपी ओमान के को-पायलट के सोशल मीडिया अकाउंट्स जांच के घेरे में है. घटना के कुछ घंटे बाद उसके एक सोशल मीडिया अकाउंट से दो पोस्ट शेयर की गई थीं.
‘अल बयान’ के मुताबिक, अगर हाईजैकिंग की कोशिश सफल हो जाती तो इलाके में ताकत का संतुलन बदल सकता था. संपादकीय का शीर्षक ‘Between September 11 and September 30’ रखा गया है. हालांकि, संगठन ने इस घटना की सीधे तौर पर जिम्मेदारी नहीं ली.
संपादकीय में यह भी कहा गया है कि अमेरिका और इजराइल को गैर-मुस्लिम लोग भी निशाना बना सकते हैं और ऐसे हमलों को मुसलमानों के फायदे में बताया गया है.
‘अल बयान’ ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 को ‘यहूदी-यूएई वाला विमान’ बताया और दावा किया कि विमान सऊदी अरब में उतरा था. इस मुखपत्र में ओमानी को-पायलट की कथित कार्रवाई का समर्थन करते हुए 9/11 हमले का भी जिक्र किया गया है. सुरक्षा एजेंसियां इस बात पर ध्यान दे रही हैं कि AQAP ने सीधे जिम्मेदारी लेने से बचते हुए सिर्फ वैचारिक समर्थन दिया है.
UAE के जांच अधिकारियों के अनुसार, Flydubai Flight 1073 जो इज़राइल जा रही थी, उसके को-पायलट ने कॉकपिट में क्रैश कुल्हाड़ी (crash ax) से कप्तान पर हमला किया था. हालांकि, को-पायलट Hamam al-Hammami को पहले ही कट्टरपंथी विचारों के कारण ओमान में उड़ान भरने से प्रतिबंधित किया गया था.
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