इजरायली पीएम बिन्यामिन नेतन्याहू ने अपने गठबंधन के बहुमत से दूर रहने को लेकर अरब पार्टियों पर आरोप लगाए हैं. पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने अरब बहुसंख्यक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर धांधली, घूसखोरी, डराने-धमकाने और हिंसा के आरोप लगाए हैं. चुनाव के प्रारंभिक परिणामों से पता चला है कि अरब नेतृत्व वाली पार्टियां संभावित किंगमेकर के रूप में उभर सकती हैं.

इजरायल चुनाव में हार की कगार पर खड़ी लिकुड पार्टी पर अरब पार्टियों ने याहूदियों की पार्टियों पर इस चुनाव को हार के रूप में न देखे जाने का आरोप मढ़ा है.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने अरब पार्टियों पर हालिया आम चुनाव में वोट चोरी और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है. अब मतगणना हो रही है. 80 प्रतिशत से ज्यादा वोटों की गिनती हो चुकी है, लेकिन जैसा कि अनुमान था न तो नेतन्याहू के गठबंधन को बहुमत मिला है और ना आइजेनकोट गादी के गठबंधन को. 

पूर्वानुमानों के उलट प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को मतदाताओं ने अस्वीकार नहीं किया है और वह 26 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई है. दक्षिणपंथी दलों के नेतृत्व वाले सबसे बड़े गठबंधन को अभी तक 53 सीटें मिली हैं. गादी आइसेनकोट की याशर पार्टी के नेतृत्व वाले गठबंधन को 48 सीटें मिली हैं.

जबकि अरब पार्टियों ने अप्रत्याशित रूप से 19 सीटें जीती हैं. जबकि सरकार बनाने के लिए 61 सांसद चाहिए. जो अब तक चुनाव परिणाम सामने आए हैं, उसमें 18 सीटों पर अरब पार्टियां जीत हासिल कर सकती है.

लिकुड पार्टी ने बयान जारी करते हुए कहा है कि इजरायल में चुनाव को अरब पार्टियों ने चुरा लिया है. पार्टी ने अपने बयान में कहा है कि चुनाव जीतने के लिए रिश्वतखोरी, धमकियां, हिंसा, फर्जीवाड़ा और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए अवैध सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल जैसे गंभीर अपराध किए गए हैं. 

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