जापान के बोनिन द्वीप में रव‍िवार सुबह 6.3 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया. भूकंप के झटकों से इलाके में हलचल मच गई. इसका केंद्र समुद्र में 494 किमी की गहराई में था. इस भूकंप से जान-माल के नुकसान या सुनामी की कोई चेतावनी नहीं दी गई. 4.5 या उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप इमारतों और घरों को नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है.

जापान के बोनिन द्वीप में रव‍िवार सुबह 6.3 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) की र‍िपोर्ट के अनुसार, भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर के क्षेत्र में काफी गहराई पर था.

जापान के बोनिन द्वीप समूह क्षेत्र में रविवार सुबह 6.3 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके दर्ज किए गए। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, इस भूकंप के बाद जान-माल के नुकसान या सुनामी की किसी चेतावनी की जानकारी नहीं है.

भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. 7.0 या उससे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप को आमतौर पर खतरनाक माना जाता है, वहीं, 2.0 या उससे कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो भूकंप कहा जाता हैं. बीते गुरुवार को भी त‍िब्‍बत में 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई, ज‍िसमें 16 लोगों की मौत हो गई और करीब 32 लोग घायल हुए.

विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता तापमान, तेजी से पिघलते ग्लेशियर और लगातार बढ़ रही चरम मौसम संबंधी घटनाएं चिंगहाई-तिब्बत पठार में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को और बढ़ा सकती हैं. धरती के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल को भूकंप आने की प्रमुख वजह माना जाता है. जब ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं या इनके बीच दबाव बढ़ता है, तो धरती में कंपन पैदा हो सकता है.

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