लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (OM Birla) ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) को सदन में आने से रोक दिया था। उनका दावा है कि यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि कांग्रेस के सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री पर शारीरिक हमला किए जाने का खतरा था। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। स्पीकर ने बताया कि अगर कोई अप्रिय घटना होती तो लोकतंत्र की मर्यादा प्रभावित होती। इसके चलते पीएम मोदी की स्पीच के बिना ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया। भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने भी इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि पीएम की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम जरूरी था।
प्रियंका गांधी ने लोकसभा में पीएम मोदी की स्पीच पर सुरक्षा कारण बताने वाले दावों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह बात सही नहीं है कि तीन महिला सांसदों के पास खड़े होने से प्रधानमंत्री को खतरा हो गया। प्रियंका ने मीडिया से सवाल किया कि क्यों किसी ने अमित शाह या पीएम मोदी से यह नहीं पूछा कि नेता विपक्ष राहुल गांधी को संसद में बोलने से क्यों रोका गया। उन्होंने कहा कि यह सवाल सरकार से पूछा जाना चाहिए कि क्या उन्होंने राहुल गांधी को बोलने से रोकने का कोई आधार बताया।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बुधवार को जो घटनाक्रम हुआ, वह बेहद अप्रत्याशित था और विपक्ष के कुछ सांसदों का व्यवहार लोकसभा के इतिहास में एक काले धब्बे की तरह दर्ज होगा। स्पीकर ने कहा कि इस तरह का माहौल सदन में नहीं होना चाहिए और सभी सांसदों को कार्यवाही में सहयोग देना चाहिए।
स्पीकर बोले- कुछ गलत करने की प्लानिंग में थे कांग्रेस सांसद
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ संभावित गलत बर्ताव की आशंका के कारण उनकी स्पीच टाल दी गई। इसके चलते राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब पीएम मोदी नहीं दे पाए और उनकी स्पीच के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया। यह घटना 2004 के बाद पहली बार हुई है, जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब प्रधानमंत्री ने नहीं दिया और बावजूद इसके धन्यवाद प्रस्ताव मंजूर हो गया।
PM का रास्ता रोक लिया? आखिर क्या चाहते हैं ये लोग
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि संसद में जो हालात बने हैं, वह स्वीकार्य नहीं हैं। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री का रास्ता रोका जाना और उन्हें घेरे जाने जैसी परिस्थितियां लोकतंत्र और लोकसभा के सम्मान के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने आज अपनी पीड़ा जाहिर की और यह सभी के लिए चिंता का विषय है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (4 फरवरी 2026) को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के कारण लोकसभा स्पीकर संध्या राय ने कार्यवाही स्थगित कर दी। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि विपक्ष की कई महिला सांसद सदन के वेल में घुस गईं और प्रधानमंत्री की कुर्सी की ओर बढ़ीं। वरिष्ठ मंत्रियों के समझाने के बावजूद उन्होंने नहीं सुना, जिससे सदन की स्थिति बेकाबू हो गई और प्रधानमंत्री सदन में प्रवेश नहीं कर सके।
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