Rajasthan News: राजस्थान की महत्वपूर्ण परवन वृहद् सिंचाई परियोजना एक बार फिर सियासी अखाड़ा बन गई है। विधानसभा में कांग्रेस विधायक प्रमोद जैन भाया और जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत के बीच परियोजना में देरी और पाइप गुणवत्ता को लेकर तीखी नोकझोंक हुई।

बता दें कि परवन परियोजना झालावाड़, बारां और कोटा जिलों के हजारों किसानों की लाइफलाइन है। इस प्रोजेक्ट में देरी या भ्रष्टाचार का सीधा असर हाड़ौती क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था और कृषि उत्पादन पर पड़ता है, जिससे भविष्य में पानी के संकट की स्थिति बन सकती है।
पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया ने सदन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चूंकि इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास राहुल गांधी ने किया था, इसलिए भाजपा सरकार ने राजनीतिक द्वेषता के चलते इसे 5 साल तक लटकाए रखा। उन्होंने पाइप की गुणवत्ता (PE-80 से PE-100 बदलाव) में करोड़ों रुपये के खेल का मुद्दा उठाते हुए ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुँचाने का दावा किया।
जवाब में मंत्री सुरेश रावत ने कांग्रेस को बैकफुट पर धकेलते हुए बताया कि इस प्रोजेक्ट में गड़बड़ी की पहली शिकायत खुद कांग्रेस विधायक पानाचंद मेघवाल ने 2018 में की थी। मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने 27 अक्टूबर 2021 को अधिकारियों को निलंबित किया, लेकिन महज 3 महीने में ही उन्हें वापस बहाल कर दिया, जो जांच की गंभीरता पर सवाल उठाता है।
मंत्री सुरेश रावत ने सदन को आश्वस्त किया कि भजनलाल सरकार पाइप क्वालिटी और भ्रष्टाचार के मामले को हल्के में नहीं लेगी। उन्होंने स्पष्ट घोषणा की कि बहाली के बाद जांच बिठाने का ‘नाटक’ करने वाली पिछली कार्यप्रणाली के उलट, अब दोषी इंजीनियरों और कॉन्ट्रैक्टर्स के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और वसूली सुनिश्चित की जाएगी।
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