पटना। मोकामा से जदयू विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह का एक बयान सियासी भूचाल ले आया है। अनंत सिंह ने शुरुआत में दावा किया था कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए 9 हत्याएं करवाई थीं। हालांकि, बयान पर बवाल बढ़ने के बाद उन्होंने तुरंत सफाई दी और कहा कि लालू यादव के शासनकाल में नीतीश कुमार का समर्थन करने की वजह से उनके 9 लोग मारे गए थे।

​जीतन राम मांझी का कड़ा रुख

​अनंत सिंह के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह अनंत सिंह का व्यक्तिगत मामला हो सकता है कि उन्होंने 9, 10 या 25 हत्याएं कीं, लेकिन हत्या किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराई जा सकती। जब उनसे पूछा गया कि क्या विधायक पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, तो मांझी ने स्पष्ट किया कि उन पर निश्चित रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि केवल बयान देने से अपराध साबित नहीं होता; इसके लिए निष्पक्ष जांच, तथ्य और साक्ष्य होना आवश्यक है।

​जदयू का पक्ष: पूरे मामले का संज्ञान लिया गया

​दूसरी ओर, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि पार्टी के पास अनंत सिंह का बयान और उनकी सफाई दोनों आ चुकी हैं। संगठन इस पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए है और हर बिंदु को संज्ञान में लिया जा रहा है।

​विधान परिषद चुनाव और राजनीतिक खींचतान

​यह विवाद ऐसे समय में गहराया है जब बिहार में विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक सीटों पर चुनाव की सरगर्मी तेज है। पटना स्नातक सीट पर जदयू के मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार चुनाव मैदान में हैं। दूसरी ओर, अनंत सिंह ने खुले तौर पर जन सुराज समर्थित प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का समर्थन करने का ऐलान कर दिया है।
​अनंत सिंह के इस बागी रुख के बावजूद जदयू अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है। संजय झा ने दावा किया कि नीरज कुमार पहले भी इस सीट से जीतते रहे हैं और इस बार भी भारी मतों से विजय हासिल करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार नवल किशोर यादव बड़े अंतर से चुनाव जीतेंगे।