कुंदन कुमार, पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर से सुगबुगाहट तेज हो गई है। हाल ही में जनता दल (यूनाइटेड) यानी जद (यू) से निष्कासित किए गए बागी विधायक अनंत सिंह ने पार्टी से बाहर होने के बाद अपने तेवर पूरी तरह से साफ कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उन्हें पार्टी से निकाले जाने का कोई अफसोस नहीं है, बल्कि अब नए राजनीतिक समीकरणों और भविष्य की तैयारियों को लेकर उनका पूरा फोकस अपनी नई पार्टी के गठन पर है।
अब नीतीश जी ही नहीं रहे, तो पार्टी कैसी?
मीडिया से बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने अपने चिर-परिचित अंदाज में बेबाक बयान दिए। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा समय में जिस स्वरूप में जद (यू) को देखा जा रहा है, वह अब वैसी पार्टी नहीं रही। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि जब नीतीश कुमार ही उस तरह से सक्रिय या पार्टी के सर्वसर्वा नहीं रहे, तो फिर वैसी पार्टी का कोई वजूद ही नहीं बचता। यही वजह है कि उन्होंने किसी अन्य दल में शामिल होने के बजाय खुद की एक नई पार्टी बनाने का मन बना लिया है।
नीतीश कुमार से व्यक्तिगत नाराजगी नहीं
पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बावजूद अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के प्रति अपनी व्यक्तिगत सद्भावना और सम्मान को बनाए रखा है। उन्होंने नीतीश कुमार को एक ‘अच्छा आदमी’ करार देते हुए कहा कि उनसे उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी या शिकायत नहीं है। भविष्य में मुलाकात के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह जल्द ही नीतीश कुमार से मिलने भी जाएंगे।
वहीं, जब उनसे नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में संभावित प्रवेश या भूमिका को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत नपा-तुला जवाब दिया। अनंत सिंह ने कहा कि निशांत कुमार अभी राजनीति में पूरी तरह से नए हैं, इसलिए उनके बारे में फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
नई सियासी जमीन तलाशने की तैयारी
अनंत सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार की सियासत में लगातार फेरबदल देखने को मिल रहे हैं। जद (यू) से निष्कासन के बाद उनका खुद की पार्टी बनाने का ऐलान इस बात का संकेत देता है कि वह आने वाले दिनों में अपनी राजनीतिक जमीन और वजूद को बनाए रखने के लिए एकला चलो की नीति पर काम करने वाले हैं। उनके इस कदम से राज्य के राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।

