पटना। बिहार में हाल ही में आई बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार ने संकट की इस घड़ी में किसानों को संबल प्रदान करने के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना का उद्देश्य सितंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में आई बाढ़ से फसल गंवा चुके किसानों को आर्थिक सहायता पहुंचाना है, ताकि वे अगली फसल की तैयारी समय पर कर सकें।
किन जिलों और पंचायतों के किसानों को मिलेगा लाभ?
राज्य सरकार ने बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित रहे 9 जिलों के 43 प्रखंडों की कुल 289 चिह्नित पंचायतों को इस योजना के दायरे में रखा है। इन जिलों में दरभंगा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सारण, कटिहार और पटना शामिल हैं। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि केवल इन चिह्नित क्षेत्रों के पात्र किसान ही सहायता के हकदार होंगे। प्रभावित किसान आवेदन करने से पहले डीबीटी कृषि पोर्टल पर अपने क्षेत्र की पात्रता की पूरी सूची देख सकते हैं।
आवेदन के लिए आवश्यक शर्तें और दस्तावेज
योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों के पास कृषि विभाग की 13 अंकों की वैध किसान पंजीकरण संख्या होना अनिवार्य है। इसके साथ ही आवेदन प्रक्रिया के दौरान आधार सत्यापन और परिवार का विवरण देना भी जरूरी है। योजना के नियमों के अनुसार, एक परिवार में पति, पत्नी और अवयस्क बच्चे शामिल होंगे। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फॉर्म भरते समय सही जानकारी दें, क्योंकि विवरण में गड़बड़ी पाए जाने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है।
ऑनलाइन आवेदन और सहायता के लिए संपर्क
पात्र किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या डीबीटी कृषि पोर्टल (https://dbtagriculture.bihar.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने कृषि कॉल सेंटर का टोल-फ्री नंबर (18001801551) भी जारी किया है, जहां कॉल करके किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा, किसान अपने संबंधित जिले के जिला कृषि पदाधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं। कृषि मंत्री ने सभी प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे समय सीमा से पहले अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

