कुंदन कुमार, पटना। जदयू से 6 साल के लिए निष्कासित करने के बाद अब मोकामा विधायक अनंत सिंह की सदस्यता रद्द करने को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। दरअसल जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा और एमएलसी संजय गांधी आज विधानसभा भवन पहुंचे, जहां उन्होंने विधानसभा सचिव से मुलाकात की। इस दौरान उमेश कुशवाहा ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा करते हुए एक पत्र सौंपा। हालांकि जदयू के इस फैसले पर राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने एनडीए नेताओं पर तंज कसा है।

सजायाफ्ता राजू सिंह की विधायकी खत्म नहीं होने पर सवाल

राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा है कि, अनंत सिंह को जदयू ने पार्टी से निष्कासित किया और उनकी विधायकी खत्म करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष तक जदयू के प्रदेश अध्यक्ष पहुंच गए। लेकिन भाजपा के विधायक राजू सिंह सजायाफ्ता हो गए। फिर भी उनके लिए एनडीए के नेता विधायकी खत्म करने की मांग नहीं करते हैं। इससे पहले राजद के पांच विधायक दल बदल कानून की धज्जियां उड़ाते हुए एनडीए का साथ दिया था, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी सदस्यता नहीं खत्म की थी।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि, जिस तरह एनडीए के लोग लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाते हैं। वह सभी ने देखा है। हर बार की तरह इस बार भी लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जाएगी और भाजपा के विधायक का विधायकि नहीं जाएगा। यह कहीं से भी ठीक नहीं है।

विधायक राजू सिहं को हुई है 4 साल की सजा

गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर के साहेबगंज सीट से भाजपा विधायक राजू सिंह को हत्या के एक मामले में दिल्ली के राउज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी मानते हुए 4 साल की सजा और 25 लाख रुपये का जुर्माना सुनाई है। हालही में उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील कर सजा पर रोक लगाने की मांग की थी। लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था। इस फैसले के बाद भी राजद ने राजू सिंह की विधायकी रद्द करने की मांग की थी।

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