मोकामा/नदवां। मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह और उनके परिवार पर आई राजनीतिक व कानूनी परेशानियों को दूर करने के लिए उनके पैतृक गांव नदवां में अखंड रामचरितमानस का पाठ शुरू किया गया है। शनिवार से प्रारंभ हुआ यह धार्मिक अनुष्ठान 10 नवंबर तक चलेगा, जिसके बाद विशाल प्रसाद वितरण का आयोजन होगा। विधायक के कल्याण और संकट मोचन के लिए 108 लोग लगातार बारी-बारी से सुंदरकांड और रामचरितमानस का पाठ कर रहे हैं। पूरे अनुष्ठान के दौरान पाठ करने वाले श्रद्धालुओं और ग्रामीणों के लिए रोजाना भव्य भंडारे का भी प्रबंध किया गया है।
अनंत सिंह की परेशानी पूरे गांव का संकट: ग्रामीण
गांव के लोग अनंत सिंह पर आई विपत्ति को व्यक्तिगत न मानकर पूरे नदवां गांव का संकट मान रहे हैं। स्थानीय नागरिक रमाशंकर सिंह और रामकुमार का कहना है कि अनंत सिंह का कल्याण ही गांव के कल्याण से जुड़ा है। संकट की इस घड़ी में पूरा गांव एकजुट होकर
ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है कि विधायक और उनके परिवार पर आए सभी संकट जल्द समाप्त हों।
JDU से 6 साल के लिए निष्कासित
अनंत सिंह हाल के दिनों में लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। पार्टी लाइन से अलग हटकर बयानबाजी करने और वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने उन्हें प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है।
हाल ही में हुए विधान परिषद (MLC) चुनाव में अनंत सिंह ने JDU के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जन सुराज समर्थित उम्मीदवार का समर्थन किया था, हालांकि उस उम्मीदवार की हार हो गई। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा द्वारा जारी आदेश के बाद विधानसभा अध्यक्ष से उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की भी सिफारिश की गई है।
पत्नी नीलम देवी और जिलाध्यक्ष मयंक राज पर भी गिरी गाज
पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के कारण जदयू ने केवल अनंत सिंह ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को भी 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इसके अलावा, बाढ़ के जिला अध्यक्ष मयंक राज को भी तत्काल प्रभाव से उनके पद से मुक्त कर दिया गया है।
दुलारचंद यादव हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने दिया सरेंडर का आदेश
कानूनी मोर्चे पर भी अनंत सिंह की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को 4 दिसंबर 2026 तक या उससे पहले जांच अधिकारी के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का सख्त आदेश दिया है। इससे पहले सरेंडर की समय-सीमा 1 दिसंबर तय मानी जा रही थी, जिसे बढ़ाकर 4 दिसंबर कर दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट द्वारा 19 मार्च 2026 को अनंत सिंह को दी गई जमानत के आदेश को अगली सुनवाई तक के लिए निलंबित कर दिया है। शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की कि हाईकोर्ट ने जमानत देते समय अनंत सिंह पर दर्ज आपराधिक मामलों की संख्या और आरोपों की गंभीरता पर सही ढंग से विचार नहीं किया था।

