कुंदन कुमार, पटना। पूर्व वार्ड पार्षद अनिल यादव पर हुए सनसनीखेज गोलीकांड का पुलिस ने आखिरकार खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह हमला किसी अचानक हुई घटना का परिणाम नहीं था, बल्कि वार्ड पार्षद के चुनाव को लेकर चल रही पुरानी रंजिश के तहत एक गहरी साजिश के तहत रचा गया था। इस मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य शूटरों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।

​चुनावी प्रतिशोध और पुरानी रंजिश

​सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी ने जानकारी दी कि घायल अनिल यादव और मुख्य साजिशकर्ता शंकर राय एक ही मोहल्ले के रहने वाले हैं। दोनों के बीच वार्ड पार्षद के चुनाव को लेकर पुराना विवाद और चुनावी प्रतिशोध चल रहा था। इसी रंजिश के कारण शंकर राय ने राहुल साहनी से संपर्क साधा, जिसके बाद राहुल ने अनिल यादव को रास्ते से हटाने की पूरी योजना तैयार की।

​शातिर तरीके से अंजाम तक पहुंचाई गई साजिश

​घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने बेहद सावधानी बरती थी और शूटरों को अलग-अलग रास्तों से घटनास्थल तक पहुंचाया गया था।

  • ​एक शूटर सीधे बाइक से मौके पर पहुंचा था।
  • ​वहीं, दो अन्य शूटरों को राहुल साहनी के निर्देश पर उसके स्टाफ चंदन ने ऑटो से घटनास्थल के पास पहुंचाया था।
  • ​ऑटो चालक शम्भू ने दोनों शूटरों को एक मंदिर के पास उतारा, जहां से वे कुछ दूर पैदल चलकर चोरी की गई बाइक के जरिए वारदात की जगह पर पहुंचे।
  • ​इस पूरी साजिश में अमित नाम के व्यक्ति ने भी पूरा सहयोग दिया था। पुलिस ने इस मामले में इस्तेमाल किए गए हथियार (एक पिस्टल और एक कट्टा) के साथ-साथ ऑटो को भी बरामद कर लिया है।

​राहुल साहनी और उसके साथियों का आपराधिक इतिहास

​मुख्य साजिशकर्ता राहुल साहनी उर्फ नीरज का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के मुताबिक वह वर्ष 2012 से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय है और उसके खिलाफ आठ से अधिक मामले दर्ज हैं। वर्तमान में वह राजीव नगर रोड नंबर 20 में ठेला लगाने के बाद पूजा-पाठ की मिट्टी की दुकान चलाता था। गिरफ्तार आरोपी चंदन इसी दुकान पर स्टाफ के रूप में काम करता था और वह भी पूर्व में शूटर की भूमिका निभा चुका है। चंदन के खिलाफ भी सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।

​पुलिस की आगे की कार्रवाई

​पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इनके जरिए अन्य फरार शूटरों की सुरागकशी में जुटी है। इसके साथ ही, संतोष सिंह हत्याकांड समेत शहर के अन्य बड़े आपराधिक मामलों से इन आरोपियों के संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि राहुल पूर्व में एक रिटायर्ड जेल अधीक्षक के राजीव नगर स्थित घर में क्यों और कैसे रह रहा था। एसके पुरी, बुद्धा कॉलोनी और आरा में दर्ज मामलों के दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है, ताकि इस आपराधिक नेटवर्क का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके।