डीसी अपराजिता ने राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन और पीएम-सेतु योजना की समीक्षा की

कैथल, 21 सितंबर। जिले के युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम का दायरा बढ़ाने पर जोर दिया है। डीसी अपराजिता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक औद्योगिक प्रतिष्ठानों, सरकारी विभागों और संस्थानों को अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम से जोड़ा जाए, ताकि पात्र युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

डीसी अपराजिता सोमवार को लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना और प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयमेंट ट्रांसफॉर्मेशन अपग्रेडेड (पीएम-सेतु) योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने विभिन्न विभागों, सरकारी संस्थानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में अप्रेंटिसशिप के उपलब्ध अवसरों तथा युवाओं के पंजीकरण की प्रगति की जानकारी ली।

अप्रेंटिसशिप सीटों की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश

डीसी ने कहा कि जिन औद्योगिक प्रतिष्ठानों या विभागों में नियमानुसार अप्रेंटिसशिप के लिए सीट उपलब्ध हैं, वहां जरूरी प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। उन्होंने अधिकारियों को अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों को योजना से जोड़ने तथा पात्र युवाओं को उपलब्ध अवसरों का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने पोर्टल पर प्रतिष्ठानों का पंजीकरण, रिक्तियों का विवरण और अप्रेंटिस की नियुक्ति प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने पर भी जोर दिया।

डीसी ने कहा कि अप्रेंटिसशिप के जरिए युवाओं को वास्तविक कार्यस्थल पर व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलता है। इससे उनके कौशल में सुधार होता है और रोजगार की संभावनाएं बढ़ती हैं। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उद्योगों, प्रशिक्षण संस्थानों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

आईटीआई में आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देने पर जोर

बैठक में राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना और पीएम-सेतु योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। डीसी ने जिले के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण व्यवस्था, आधुनिक तकनीकी सुविधाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि उद्योगों में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों को देखते हुए युवाओं को नए क्षेत्रों की तकनीक से जोड़ना जरूरी है। इसके लिए ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, सीएनसी, इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर तकनीक, ड्रोन और अन्य उभरती तकनीकों से संबंधित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि जिले में पीएम-सेतु योजना के तहत राजकीय आईटीआई कलायत को हब आईटीआई और जिले की चार आईटीआई को स्पोक आईटीआई बनाया गया है। बैठक में एडीसी डॉ. सुशील कुमार, आईटीआई के प्रिंसिपल सतीश मच्छाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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