रायपुर। दुनिया इस समय कई गंभीर संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों का सामना कर रही है। फरवरी 2022 से जारी यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध के बाद अब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरी दुनिया में महसूस किया जा रहा है। यूरोप से लेकर एशिया तक की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं, लेकिन इन विपरीत परिस्थितियों ने भारतीय यात्रियों की घूमने की इच्छा पर पूर्ण विराम नहीं लगाया है।

हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल बुकिंग में हलचल देखने को मिली है। हालांकि, यात्रियों का झुकाव अब उन क्षेत्रों की ओर है जो युद्ध और संघर्ष से दूर हैं। ट्रैवल एजेंसियों (Vyas Travels) के अनुसार, भारतीय यात्री खासतौर पर पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की ओर अधिक बुकिंग कर रहे हैं।

शॉर्ट-हॉल ट्रिप के लिए सुरक्षित डेस्टिनेशन

कम समय की छुट्टियों के लिए भारतीय यात्रियों के बीच कुछ ऐसे देश ज्यादा लोकप्रिय हो गए हैं, जहां उड़ान का समय कम और यात्रा आसान हो।

लोकप्रिय शॉर्ट-हॉल डेस्टिनेशन:

वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, श्रीलंका, मालदीव

इन देशों की खूबसूरत बीच, लग्जरी स्टे, समृद्ध संस्कृति और किफायती टूर पैकेज हमेशा से भारतीय यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे हैं।

लंबी दूरी की यात्रा के लिए सुरक्षित विकल्प

लंबी छुट्टियों की योजना बना रहे यात्री उन देशों को चुन रहे हैं जो राजनीतिक रूप से स्थिर और संघर्ष वाले क्षेत्रों से दूर हैं।

लॉन्ग-हॉल ट्रैवल के सुरक्षित देश:

न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका

इन देशों में प्राकृतिक सुंदरता, एडवेंचर गतिविधियां और सुरक्षित पर्यटन व्यवस्था होने के कारण लगातार मांग बनी हुई है।

यूरोप के लिए डायरेक्ट फ्लाइट का विकल्प

यूरोप घूमने की इच्छा रखने वाले यात्री अब अपने ट्रैवल रूट में बदलाव कर रहे हैं। कई लोग मध्य-पूर्व के रास्तों की बजाय भारत से सीधे फ्लाइट लेना पसंद कर रहे हैं, ताकि गल्फ कंट्री से बचा जा सके।

यूरोप के सुरक्षित और लोकप्रिय डेस्टिनेशन:

फिनलैंड, नॉर्वे, स्विट्जरलैंड, फ्रांस, ऑस्ट्रिया

व्यास ट्रेवल्स के चेयरमैन सौरभ व्यास ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में लोग सुरक्षित डेस्टिनेशन को प्राथमिकता दे रहे हैं। छोटी यात्रा (शॉर्ट-हॉल) के लिए वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, श्रीलंका और मालदीव बेहतर विकल्प हैं। वहीं लंबी दूरी की यात्रा के लिए न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका सुरक्षित माने जा रहे हैं। इसके अलावा यूरोप जाने वाले यात्री अब भारत से सीधे उड़ान लेकर फिनलैंड, नॉर्वे, स्विट्जरलैंड, फ्रांस और ऑस्ट्रिया जैसे देशों की यात्रा कर रहे हैं।

बदल रहा ट्रैवेल का ट्रेंड

वैश्विक तनाव और युद्ध के बावजूद पर्यटन पूरी तरह रुका नहीं है। फर्क सिर्फ इतना आया है कि यात्री अब अधिक जागरूक और सावधान हो गए हैं। सुरक्षित देशों का चयन, डायरेक्ट फ्लाइट्स और भरोसेमंद ट्रैवल एजेंसियों की मदद से भारतीय यात्री आज भी दुनिया घूमने का सपना पूरा कर रहे हैं।

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