भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार ने घोषणा की है कि चिट फंड घोटालों से प्रभावित 3,27,642 असली जमाकर्ताओं को मुआवजे के तौर पर 128 करोड़ रुपये मिले हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा को बताया कि ज़िला कलेक्टरों ने तीन अवैध वित्तीय कंपनियों — रोज़ वैली ग्रुप, गोल्डन लैंड ग्रुप और हाई-टेक एस्टेट प्रमोटर प्राइवेट लिमिटेड — की संपत्तियों की नीलामी करने और उनके बैंक जमा ज़ब्त करने के बाद धनराशि वितरित की।
मांझी ने कहा कि बाकी बचे असली जमाकर्ताओं को पैसे लौटाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने छोटे जमाकर्ताओं को मुआवज़ा देने के लिए 300 करोड़ रुपये का एक कोष बनाया है। जांच आयोग की सात अंतरिम रिपोर्टों और क्षेत्रीय जांचों के आधार पर यह पाया गया है कि छोटे जमाकर्ताओं को इस कोष से उनकी जमा की गई असली रकम मुआवज़े के तौर पर मिल रही है।
अब तक, 99,845 छोटे जमाकर्ताओं को इस कोष से 47 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकार धोखाधड़ी करने वाली वित्तीय संस्थाओं के सभी पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing) जमाकर्ताओं द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की जांच जारी रखे हुए है। अधिकारियों ने कई वित्तीय फर्मों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। सरकार ने 90 प्रस्तावों की जांच करने के बाद, 68 अवैध वित्तीय संस्थाओं की संपत्तियों को अस्थायी रूप से ज़ब्त करने (ad-interim attachment orders) के आदेश जारी किए हैं। नामित अदालतों ने इनमें से 42 ज़ब्ती आदेशों की पुष्टि कर दी है, जिससे वे आदेश अब स्थायी (absolute) हो गए हैं।
जब तक कि सभी असली जमाकर्ताओं को उनका बकाया नहीं मिल जाता, माझी ने आश्वासन दिया कि मुआवजे की यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी।
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