प्रयागराज. गंगा और यमुना का जलस्तर फिर बढ़ गया है. 60 घंटों से ज्यादा की लगातार बारिश से वाटर लेवल बढ़ गया है. नैनी में यमुना का जलस्तर 163 सेंटीमीटर बढ़ा है. फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 33 सेंटीमीटर बढ़ा है. छतनाग में 163 सेंटीमीटर गंगा का जलस्तर बढ़ा है. वहीं पितृ पक्ष के चलते संगम में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है. जिसकी वजह से घाटिए और तीर्थ पुरोहित सुरक्षित स्थान पर जा कर कर्म करा रहे हैं.
बता दें कि उत्तर प्रदेश में बीते दो-तीन दिनों से जारी बारिश ने शहरों से लेकर गांवों तक जनजीवन प्रभावित कर दिया है. सीतापुर में सरायन और पिरई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है. यहां केशव ग्रीन सिटी कॉलोनी में 5 से 6 फीट पानी भरने से करीब 200 मकान प्रभावित हैं. कई घरों के कमरों, किचन और बेडरूम तक कमर से ऊपर पानी पहुंच गया है. लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी की मदद से सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं.
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गंडक नदी में पानी छोड़े जाने से कुशीनगर के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी है. करीब 600 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है. गंडक बैराज के 36 फाटक खोले गए हैं. गोंडा में टेढ़ी नदी का जलस्तर बढ़ने से चंदवतपुर घाट का पुल पानी में डूब गया. उन्नाव के चकलवंशी में घरों में 3 से 4 फीट पानी भर गया है और लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं.
बरेली में भारी बारिश के कारण 28 सितंबर को सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला किया गया है. शहर के कई इलाकों में जलभराव है और आकाशवाणी केंद्र में पानी भरने के बाद लोग पटरे की नाव के सहारे बाहर निकले. लखनऊ के कई इलाकों में भी कमर तक पानी पहुंच गया. राष्ट्र प्रेरणा स्थल परिसर में जलभराव और इकाना के पास सड़क धंसने की स्थिति सामने आई.


