लखनऊ. उत्तर प्रदेश में करीब 80 घंटे से जारी बारिश ने शहरों से लेकर गांवों तक जनजीवन प्रभावित कर दिया है. सीतापुर में सरायन और पिरई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है. यहां केशव ग्रीन सिटी कॉलोनी में 5 से 6 फीट पानी भरने से करीब 200 मकान प्रभावित हैं. कई घरों के कमरों, किचन और बेडरूम तक कमर से ऊपर पानी पहुंच गया है. लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी की मदद से सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं.

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कुशीनगर-गोंडा में भी बाढ़ जैसे हालात

गंडक नदी में पानी छोड़े जाने से कुशीनगर के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी है. करीब 600 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है. गंडक बैराज के 36 फाटक खोले गए हैं. गोंडा में टेढ़ी नदी का जलस्तर बढ़ने से चंदवतपुर घाट का पुल पानी में डूब गया. उन्नाव के चकलवंशी में घरों में 3 से 4 फीट पानी भर गया है और लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं.

बरेली से लखनऊ तक जलभराव

बरेली में भारी बारिश के कारण 28 सितंबर को सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखने का फैसला किया गया है. शहर के कई इलाकों में जलभराव है और आकाशवाणी केंद्र में पानी भरने के बाद लोग पटरे की नाव के सहारे बाहर निकले. लखनऊ के कई इलाकों में भी कमर तक पानी पहुंच गया. राष्ट्र प्रेरणा स्थल परिसर में जलभराव और इकाना के पास सड़क धंसने की स्थिति सामने आई.

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46 जिलों में बारिश का अलर्ट

बारिश और आंधी से प्रदेश में दो दिनों में 63 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है. अलग-अलग जिलों में आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. पिछले तीन दिनों में 111.3 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 9.4 मिमी रहती है. आज यानी सोमवार को 46 जिलों में बारिश का अलर्ट है. पूर्वांचल के कई जिलों में आज धूप निकली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से सावधानी बरतने और अपनों का ख्याल रखने की अपील की है.