करनाल। नागोया एशियाई खेल-2026 का शानदार समापन हो गया है। भारत ने इन खेलों में 21 स्वर्ण समेत कुल 85 पदक अपने नाम किए और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। खास बात यह रही कि भारत की बेटियों ने भी इस बार शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की सफलता में अहम योगदान दिया।
भारत के 21 स्वर्ण पदकों में 14 स्वर्ण पदकों में महिला खिलाड़ियों की भागीदारी रही। इनमें 11 स्वर्ण महिलाओं ने व्यक्तिगत मुकाबलों में जीते, जबकि तीन स्वर्ण मिश्रित स्पर्धाओं में आए। वहीं क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में भारत ने सभी छह स्वर्ण पदक अपने नाम किए। बॉक्सिंग में तीन और तीरंदाजी में पांच स्वर्ण पदक भी भारत की झोली में आए।
इन एशियाई खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। भारत के 85 पदकों में 32 पदकों में हरियाणा के खिलाड़ियों का योगदान रहा। इनमें 16 पदक व्यक्तिगत मुकाबलों से आए, जबकि रिले और मिश्रित स्पर्धाओं में भी हरियाणवी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। कुश्ती, कबड्डी, हॉकी और एथलेटिक्स समेत कई खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला।
खास बात यह है कि पिछली बार के मुकाबले इस बार भारत ने कम खिलाड़ियों के साथ बेहतर पदक दर हासिल की। पिछली बार जहां 661 भारतीय खिलाड़ी दल में शामिल थे, वहीं इस बार 495 खिलाड़ी गए। यानी खिलाड़ियों की संख्या करीब 25 प्रतिशत कम रही, लेकिन इसके बावजूद भारत ने 85 पदक हासिल किए।
हरियाणा में खिलाड़ियों के इस शानदार प्रदर्शन को लेकर करनाल के कर्ण स्टेडियम में भी उत्साह है। सीनियर एथलीट कोच सतीश कुमार का कहना है कि मौजूदा समय में बच्चों का रुझान खेलों की तरफ लगातार बढ़ रहा है। कर्ण स्टेडियम में प्रतिदिन करीब 1500 से 2000 बच्चे अलग-अलग खेलों का अभ्यास करने पहुंचते हैं। इनमें एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, कुश्ती, टेबल टेनिस समेत कई खेल शामिल हैं।

कोच सतीश कुमार के मुताबिक, करनाल से प्रशिक्षण लेकर कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले खिलाड़ियों के लिए मूलभूत सुविधाओं और संसाधनों की कमी रहती थी, लेकिन अब गांव स्तर तक स्टेडियम, मल्टीपरपज हॉल, जिम और खेल का सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार भी पदक विजेता खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही है और एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को नियमानुसार पुरस्कार राशि दी जाएगी।
कुल मिलाकर, नागोया एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन हरियाणा के खिलाड़ियों का योगदान एक बार फिर साबित करता है कि देश के खेल मानचित्र पर प्रदेश की धमक लगातार मजबूत हो रही है। अखाड़े से लेकर ट्रैक और मैदान तक हरियाणवी खिलाड़ियों ने तिरंगे की शान बढ़ाने का काम किया है।

