मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. दीपोत्सव और 14 कोसी परिक्रमा से पहले अयोध्या का परिक्रमा पथ नए और भव्य स्वरूप में नजर आएगा. शासन ने करीब 1140 करोड़ रुपये की लागत से 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के 31 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन करने का काम तेज कर दिया है. पूरा परिक्रमा पथ करीब 42 किलोमीटर लंबा है, जिसे श्रद्धालुओं की सुविधा और बेहतर आवागमन के लिहाज से विकसित किया जा रहा है. वहीं विभागीय अधिकारियों के अनुसार परिक्रमा पथ का काम अंतिम चरण में है और इसे दीपोत्सव से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

सिर्फ चौड़ीकरण ही नहीं, मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए सभी जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं. जगह-जगह शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड और बैठने की व्यवस्था की जा रही है. रात में परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे मार्ग पर विशेष प्रकाश व्यवस्था की जा रही है. मोहटा के पास फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है.

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गौरतलब है कि 14 कोसी परिक्रमा अयोध्या की प्राचीन धार्मिक परंपरा है, जिसमें श्रद्धालु रामनगरी की धार्मिक सीमा की परिक्रमा करते हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्षों में करीब 30 लाख श्रद्धालु इस परिक्रमा में शामिल हुए थे. राम मंदिर निर्माण के बाद बढ़ी भीड़ को देखते हुए मार्ग का चौड़ीकरण बेहद अहम माना जा रहा है.

पीली रेलिंग और राम स्मृति लाइटें बढ़ाएंगी शोभा

लोक निर्माण विभाग के अधिकारी के मुताबिक परिक्रमा मार्ग के डिवाइडर पर आकर्षक पीले रंग की रेलिंग लगाई जा रही है. मार्ग के किनारे पौधारोपण के साथ ट्री गार्ड लगाए गए हैं. पूरे पथ को रोशन करने के लिए भगवान श्रीराम की स्मृति से जुड़ी आकर्षक डिजाइनर लाइटें लगाई जा रही हैं, जिससे दिन ही नहीं, रात में भी परिक्रमा पथ का नजारा अलौकिक दिखेगा.