मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ और उसके बाद हुई मूसलाधार बारिश तथा तेज हवाओं ने भारी तबाही मचाई है. आपदा की इस गंभीर स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रदेश के कृषि मंत्री एवं अयोध्या जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही तुरंत अयोध्या पहुंचे. उन्होंने जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और राहत तथा बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर चलाने के कड़े निर्देश जारी किए.
इस भीषण चक्रवात और बारिश के कारण जिले में बड़ा नुकसान हुआ है. तेज हवाओं और बारिश की चपेट में आने से अब तक 4 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है, जबकि प्राथमिक सर्वे के अनुसार करीब 70 घर गिर गए हैं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं. प्रभावित और बेघर हुए लोगों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए नगर क्षेत्र में लगभग 500 लोगों की क्षमता वाला आश्रय स्थल तैयार करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
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प्रभारी मंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है. सभी चार मृतकों के उत्तराधिकारियों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है. इनमें से तीन मृतकों के परिजनों के खातों में 24 घंटे के भीतर सीधे सहायता राशि ट्रांसफर की जा रही है. मंत्री ने खुद रुदौली के मवई क्षेत्र में पहुंचकर दो पीड़ित परिवारों को राहत राशि के चेक सौंपे. इसके अलावा, सदर तहसील के एक पीड़ित परिवार को सर्किट हाउस में चेक प्रदान किया गया, जबकि मिल्कीपुर के पीड़ित परिवार तक स्थानीय विधायक के माध्यम से चेक पहुंचाया जा रहा है.
बिजली और सड़कों की बहाली पर जोर: 33 सब-स्टेशन फिर शुरू
चक्रवात के कारण बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है. जिले के कुल 37 विद्युत सब-स्टेशन ठप हो गए थे, जिनमें से त्वरित कार्रवाई करते हुए 33 सब-स्टेशनों को फिर से चालू कर दिया गया है. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खराब हुए ट्रांसफार्मर को अविलंब बदला जाए और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को जल्द से जल्द पूरी तरह सामान्य किया जाए. वहीं, सड़कों पर गिरे विशाल वृक्षों को हटाकर यातायात व्यवस्था बहाल कर दी गई है. जिलाधिकारी ने खुद मौके पर जाकर इन सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया.
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इसके साथ ही, घाघरा नदी में 3 से 4 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की संभावना को देखते हुए प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है. मंत्री ने तटीय बंधों की लगातार पेट्रोलिंग करने और सभी बाढ़ चौकियों को पूरी तरह से सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके.


