मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. राम नगरी अयोध्या में भगवान श्रीराम की गाथा को विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए एक भव्य अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा. राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि संग्रहालय का निर्माण लगभग 90 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा.संग्रहालय में कुल 20 गैलरियां बनाई जाएंगी. अगले सप्ताह तक डीपीआर पूरी कर ली जाएगी और 15 दिनों के भीतर टेंडर जारी करने की योजना है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी गैलरियों पर एक साथ काम शुरू किया जाएगा. निर्माण कार्य छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
संग्रहालय में भगवान श्रीराम की वंशावली से लेकर वर्तमान तक की संपूर्ण गाथा प्रदर्शित की जाएगी. इसके साथ ही राम जन्मभूमि के 500 वर्षों के कानूनी इतिहास और उत्खनन के दौरान मिले पुरातात्विक अवशेषों को भी विशेष रूप से दिखाया जाएगा. प्रभु श्रीराम की यात्रा, नदियों के किनारे उनके भ्रमण और महापुरुषों से उनकी मुलाकातों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत किया जाएगा. 3D, 7D और वीडियो तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. 20 गैलरियों की स्क्रिप्ट, कहानी और तकनीकी स्वरूप को अंतिम रूप दे दिया गया है. संग्रहालय में सामाजिक समरसता का संदेश भी प्रमुखता से दिखेगा. भगवान श्रीराम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप और उनके आदर्शों को तकनीक के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा.
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एक विशेष गैलरी में श्रद्धालुओं को 15 मिनट का इमर्सिव अनुभव मिलेगा. इसमें कुबेर टीला, मंदिर के परकोटे की परिक्रमा और भगवान के दर्शन का आभासी अनुभव कराया जाएगा.बैठक में हनुमान जी की संकट मोचन गैलरी खोलने पर भी विचार किया गया. पहले से तैयार चार अन्य गैलरियों को श्रद्धालुओं के लिए खोलने का निर्णय स्वामी गोविंद देव गिरि की सहमति के बाद लिया जाएगा.साथ ही निर्माण एजेंसियों को दी गई अग्रिम धनराशि के समय से उपयोग और देरी होने पर ब्याज ट्रस्ट को देने के सुझाव को भी स्वीकार कर लिया गया.

