मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima 2026) के पावन अवसर पर 25 अक्टूबर को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु श्रीरामलला का विशेष पूजन-अर्चन किया जाएगा. इस धार्मिक आयोजन को लेकर मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. देर रात पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार प्रभु श्रीरामलला को खीर का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा.
वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है और इस रात चांदनी में अमृत वर्षा होती है. इसी आस्था के चलते खीर को खुले आकाश के नीचे चांदनी में रखा जाता है और मध्यरात्रि के बाद उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है. माना जाता है कि इस प्रसाद के सेवन से आरोग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
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श्रीरामलला के विशेष पूजन के दौरान मंदिर परिसर में उत्सवी वातावरण रहेगा. पारंपरिक पदगायन और भजनों से समूचा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा. श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर विशेष आध्यात्मिक अनुभूति देने वाला होगा.श्रीराम मंदिर के धार्मिक व्यवस्था प्रमुख इंद्रदेव मिश्र ने बताया कि आयोजन की रूपरेखा तय कर ली गई है. अर्चक प्रमुख आचार्य केशव जी की उपस्थिति में संध्या आरती के बाद विशेष अनुष्ठान प्रारंभ होंगे.
परंपरा के अनुसार श्रीरामलला के चल विग्रह को गर्भगृह के बाहर स्थित उत्तरी चबूतरे पर ले जाया जाएगा और वहीं शरद पूर्णिमा के विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे.वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (सेवानिवृत्त) ने संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को कड़े सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में दर्शन-पूजन कर सकें.

