कच्छ (गुजरात)। गुजरात के कच्छ जिले का प्रसिद्ध ‘बन्नी’ क्षेत्र एक बार फिर देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पर्यटन और अपनी अनूठी संस्कृति के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र के होडको गांव में आयोजित पशु मेले में एक अनोखा सौदा देखने को मिला। मेले में बन्नी नस्ल की ‘मिसरी’ नाम की 6 साल की कुंडही भैंस रिकॉर्ड 15.11 लाख रुपये में बिकी। इस भारी-भरकम बोली ने मेले में मौजूद सभी पशुपालकों और व्यापारियों को हैरान कर दिया और यह भैंस पूरे आयोजन की मुख्य आकर्षण केंद्र बन गई।

अहमदाबाद के पशुपालक ने लगाई सबसे ऊंची बोली

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बन्नी नस्ल की इस खास भैंस के मालिक नाना लूणा गांव के मालधारी जाट धुला हाजी जीवन थे। होडको मेले में जब मिसरी की बोली शुरू हुई, तो कई बड़े खरीदारों ने दिलचस्पी दिखाई। अंततः अहमदाबाद जिले के कुंजड़ गांव के जाने-माने बिजनेसमैन और पशुपालक लालभाई देसाई ने 15 लाख 11 हजार रुपये की रिकॉर्ड कीमत चुकाकर इस भैंस को अपने नाम कर लिया। इतनी बड़ी राशि में भैंस की खरीदारी का यह सौदा कच्छ और सौराष्ट्र के पशुपालन क्षेत्र में बेहद चर्चा में बना हुआ है।

प्रतिदिन 20 लीटर दूध देने की अद्भुत क्षमता

मिसरी भैंस की इस असाधारण कीमत की सबसे बड़ी वजह उसकी दुग्ध उत्पादन क्षमता है। 6 वर्ष की यह बन्नी कुंडही भैंस प्रतिदिन औसतन 20 लीटर तक दूध देने में सक्षम है। कच्छ की जलवायु और परिस्थितियों में पली-बढ़ी बन्नी नस्ल की भैंसें अपनी शारीरिक क्षमता, उच्च सहनशक्ति और बेहतरीन गुणवत्ता वाले दूध के लिए जानी जाती हैं। इनकी पाचन क्षमता और कठिन परिस्थितियों में भी टिके रहने का गुण इन्हें पशुपालकों के लिए बेहद फायदेमंद बनाता है।

बन्नी नस्ल की देशभर में बढ़ी मांग

कच्छ का बन्नी इलाका अपनी खास पशु नस्लों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां के मालधारी समुदाय की पारंपरिक पशुपालन पद्धतियों और बन्नी नस्ल के संरक्षण की वजह से इन पशुओं की मांग लगातार बढ़ रही है। होडको के इस पशु मेले ने यह साबित कर दिया है कि बेहतर देखभाल और अच्छी नस्ल के पशु न केवल दूध उत्पादन में आगे हैं, बल्कि पशुपालकों को उनका सही और ऐतिहासिक मूल्य भी दिला सकते हैं।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें

उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें

लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें

खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें