बाराबंकी. बीते 1 नवंबर को रामसनेही घाट में हुए सड़क हादसे में बाराबंकी पुलिस का खेला सामने आया है. आरोप है कि पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को बदल दिया है. यानी जो ड्राइवर मौके से पकड़ा गया था उसे छोड़ दिया गया है. पीड़ित परिवार के आरोपों के मुताबिक पहले श्यामजी सिंह को पुलिस ने पकड़ा था. अब पुलिस प्रशांत पांडेय को चालक बता रही है. अब इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने CM योगी से शिकायत की है.
1 नवंबर को लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर हुए इस सड़क हादसे में 3 युवकों की मौत हुई थी. परिवार का आरोप है कि जिसे जेल भेजना था पुलिस ने उसे छोड़ दिया. परिवार ने बाराबंकी पुलिस को जांच से हटाने की मांग की है. परिवार के आरोपों के बीच सवाल ये है कि आखिर श्यामजी सिंह को पुलिस क्यों बचाना चाहती है?
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घटना के दिन मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की टक्कर इतनी तेज थी कि दो बाइक पर सवार चारों युवक उछलकर सड़क से दूर जा गिरे. वहीं, एक बाइक कार में फंस गई और करीब 200 मीटर तक सड़क पर घिसटती चली गई. स्थानीय लोगों की मदद से चारों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रामसनेहीघाट पहुंचाया गया. वहां केंद्र अधीक्षक ने अनूप कुमार रावत, विमलेश यादव और अनिल को मृत घोषित कर दिया. गंभीर रूप से घायल बुच्ची को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए लखनऊ स्थित लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया था.

