जगदलपुर। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन बस्तर जिला कोषालय में रिकॉर्ड तोड़ बिलों की स्वीकृति ने वित्तीय सिस्टम की नई तस्वीर पेश की है, जहां पहली बार 1 अरब 66 करोड़ से अधिक के बिल एक ही दिन में पास किए गए. यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में करीब 97 करोड़ ज्यादा रहा, जिससे यह साफ हो गया कि खर्च का पैटर्न तेजी से बदला है.

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अब केंद्र और राज्य योजनाओं की राशि सीधे विभागों में जाने के बजाय ट्रेजरी के माध्यम से जारी हो रही है, जिससे बिलों की संख्या और राशि दोनों बढ़ी हैं. इस बार कुल 8618 बिलों का निपटान हुआ और अधिकारियों को अंतिम दिनों में लगातार रात तक काम करना पड़ा.

प्रशासनिक सख्ती के चलते अब हर विभागीय बिल के लिए वित्त विभाग की अनुमति अनिवार्य कर दी गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है. वहीं शिक्षा वन और आदिम जाति कल्याण विभाग के सबसे ज्यादा बिल सामने आए हैं. 1 अप्रैल से मैन्युअल सिस्टम पूरी तरह खत्म कर ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जा रही है, जो वित्तीय अनुशासन की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है.

ईंधन और गैस की कोई कमी नहीं- प्रशासन ने दी तसल्ली

जगदलपुर। जिले में पेट्रोल डीजल और रसोई गैस को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच प्रशासन ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है, और किसी भी तरह की कमी नहीं है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने भी लोगों से अपील की है कि भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और अनावश्यक घबराहट से बचें.

प्रशासन ने सप्लाई चेन को मजबूत रखते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि उपभोक्ता सीधे बुकिंग और शिकायत दर्ज कर सकें. कलेक्टर आकाश छिकारा के साथ चर्चा के बाद जिले में ईंधन और गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही गई है. साथ ही प्रशासन ने साफ किया है कि वितरण व्यवस्था लगातार मॉनिटर की जा रही है, और किसी भी तरह की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई होगी. ऊर्जा संकट को लेकर फैल रही खबरों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताते हुए लोगों से संयम और भरोसा बनाए रखने की अपील की गई है.

हवाई सेवा से ज्यादा किराया बना परेशानी

जगदलपुर। जगदलपुर में हवाई सेवा शुरू होने की खुशी के बीच अब विमान कंपनियों की किराया नीति यात्रियों के लिए नई परेशानी बनती जा रही है, जहां एक ही रूट पर अलग-अलग कंपनियां भारी अंतर के साथ किराया वसूल रही हैं.

हैदराबाद से जगदलपुर आने के लिए एक तरफ एलायंस एयर करीब 3900 रुपए ले रही है, तो दूसरी तरफ इंडिगो 11000 से ज्यादा वसूल रही है, जिससे यात्रियों में आक्रोश है. इसी तरह जगदलपुर से हैदराबाद जाने में भी हजारों रुपये का फर्क देखा जा रहा है. सीट क्षमता में ज्यादा अंतर नहीं होने के बावजूद किराए में यह असमानता लोगों को हवाई यात्रा से दूर कर रही है. बताया जा रहा है कि इसी वजह से कई यात्री फ्लाइट का विकल्प छोड़ रहे हैं. हालांकि, नई उड़ान सेवा शुरू होने से कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन किराया नियंत्रण नहीं हुआ तो इसका पूरा लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पाएगा.

बाइकर्स मीट से बदलेगी बस्तर की छवि, रोमांच के जरिए पर्यटन को बढ़ावा

जगदलपुर। बस्तर अब अपनी पहचान बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है, जहां पहली बार बस्तर राइडर्स मीट 2026 का आयोजन कर इसे एडवेंचर टूरिज्म के नए हब के रूप में पेश किया जाएगा. इस आयोजन में देश और विदेश के प्रोफेशनल राइडर्स हिस्सा लेंगे, और डर्ट बाइक रेस जैसे रोमांचक खेलों का प्रदर्शन करेंगे.

करीब 500 से ज्यादा बाइकर्स ऊबड़ खाबड़ ट्रैक पर अपनी स्किल दिखाएंगे, वहीं 5 अप्रैल को चित्रकोट तक विशाल बाइक रैली निकाली जाएगी. आयोजन के दौरान स्थानीय संस्कृति खानपान और कला को भी मंच मिलेगा, जिससे बस्तर की सकारात्मक छवि सामने आएगी. जिला प्रशासन के सहयोग से यह इवेंट पर्यटन और स्थानीय प्रतिभाओं को नई पहचान देने का प्रयास है, जो बस्तर को राष्ट्रीय स्तर पर एक नए रूप में स्थापित कर सकता है.

आदिवासी छात्रों ने दिखाया तकनीकी दम

दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा में शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति देखने को मिल रही है, जहां पोटा केबिन स्कूलों के छात्र अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए अपने भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं. जावांगा में आयोजित एआई हैकाथॉन 2026 में 22 स्कूलों के 229 छात्रों ने हिस्सा लेकर पर्यावरण स्वास्थ्य और कृषि जैसे विषयों पर तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए.

छात्रों ने चैटबॉट और प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपनी रचनात्मकता दिखाई, जो इस बात का संकेत है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यहां के बच्चे तेजी से डिजिटल दुनिया में आगे बढ़ रहे हैं. जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे भविष्य की जरूरत बताया. खास बात यह रही कि कक्षा 6 से 8 तक के छात्र भी एआई टूल्स का प्रभावी उपयोग करते नजर आए. यह पहल दंतेवाड़ा को शिक्षा में नवाचार का मॉडल बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है.

लाल नाला में मछली पकड़ने उतरे मासूम की हुई मौत

दंतेवाड़ा। बचेली क्षेत्र में एक 15 वर्षीय बालक की डूबने से मौत ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है. लाल नाला जैसे खतरनाक क्षेत्र में न तो चेतावनी बोर्ड हैं, और न ही बैरिकेडिंग की कोई व्यवस्था. मछली पकड़ने नाले में उतरे एक मासूम बच्चे की गहरे दलदल में फंसकर जान चली गई. घंटों की तलाश के बाद शव बरामद हुआ.

इस घटना ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार नाले में खदानों से निकला आयरनयुक्त पानी इसे और खतरनाक बना देता है. ऊपर से सामान्य दिखने वाला यह पानी अंदर से दलदल बन जाता है, जिससे निकल पाना मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे स्थानों पर तत्काल सुरक्षा घेरा और चेतावनी संकेत लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

जल संकट से जूझता कोदाभाटा, योजनाएं कागजों तक सीमित

सुकमा। जिले के कोदाभाटा में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट ने ग्रामीणों की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है, जहां 60 से ज्यादा लोग रोजाना आधा किलोमीटर दूर नदी से पानी लाने को मजबूर हैं. हालात इतने खराब हैं कि लोग रेत में गड्ढा खोदकर पानी छानकर पी रहे हैं, जबकि नल जल योजना पूरी तरह फेल साबित हुई है.

घरों में नल लगे हैं, लेकिन पानी नहीं आ रहा. ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन के बाद पानी की गुणवत्ता खराब हो गई और हैंडपंप भी बेकार हो गया. अब उससे पीला और आयरन युक्त पानी निकल रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जो रोजाना कठिन रास्तों से पानी ढो रहे हैं. प्रशासन ने जांच और समाधान का आश्वासन दिया है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक लोगों को मूलभूत जरूरत के लिए संघर्ष करना पड़ेगा.

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