अजय शास्त्री, बेगूसराय। जिले के मंसूरचक प्रखंड अंतर्गत समसा-02 पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, नयाटोल बलुआ सड़क में तैनात एक BPSC चयनित शिक्षक की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्धारित समय पर स्कूल न पहुंचने और ग्रामीणों द्वारा टोकने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने से इलाके में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
देर से स्कूल पहुंचना और तीखी नोकझोक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को संबंधित शिक्षक निर्धारित समयावधि के काफी बाद, लगभग साढ़े दस बजे विद्यालय पहुंचे। स्कूल की टाइमिंग को लेकर लापरवाही देख जब स्थानीय ग्रामीणों ने उनसे समय पर आने को लेकर सवाल किया, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय शिक्षक तैश में आ गए और धमकाते हुए कहा, साढ़े 10 बजे आएंगे, तुमको जो करना है कर लो। शिक्षक के इस गैर-जिम्मेदाराना और अड़ियल रवैये ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया है।
शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के भविष्य पर असर
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने के लिए BPSC के जरिए योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की है, जिससे समाज को काफी उम्मीदें थीं। लेकिन इस तरह की लापरवाही से बच्चों की शिक्षा और विद्यालय के अनुशासन पर बुरा असर पड़ रहा है। यदि शिक्षक ही अपनी मर्जी से स्कूल आएंगे, तो छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय होना तय है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि विभाग द्वारा नियमित निगरानी और मॉनिटरिंग न होने के कारण शिक्षकों के हौसले बुलंद हैं।
विभाग की कार्रवाई और आगे की स्थिति
इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में अभी तक आरोपी शिक्षक का पक्ष सामने नहीं आ सका है कि वे किन कारणों से विलंब से पहुंचे थे। आरोपों की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, स्थानीय ग्रामीणों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और संबंधित अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा लापरवाह शिक्षक पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शिक्षा विभाग इस प्रकरण पर क्या कदम उठाता है।

