बेगूसराय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सेल टैक्स ऑफिस में छापेमारी कर टीम ने असिस्टेंट कमिश्नर प्रकाश चंद्र मोहन और डाटा एंट्री ऑपरेटर संतोष कुमार झा को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान हड़कंप मच गया और घूस की रकम को खिड़की से बाहर फेंका गया।

​3.84 लाख के बकाया एडजस्टमेंट के नाम पर मांगी थी घूस

​विश्वनाथ नगर स्थित कृष्णा मार्केट के ‘रोजी गारमेंट्स’ के मालिक ज्योति कुमार अपनी दुकान का नियमित रूप से जीएसटी भर रहे थे। इसके बावजूद, सहायक कर आयुक्त प्रकाश चंद्र मोहन के हस्ताक्षर से उन्हें 3 लाख 84 हजार रुपये के बकाए का एक नोटिस भेजा गया था।
​जब कारोबारी ने कमिश्नर से मुलाकात की, तो उन्हें डाटा एंट्री ऑपरेटर संतोष कुमार झा से मिलने को कहा गया। ऑपरेटर ने नोटिस को रफा-दफा करने और राशि के एडजस्टमेंट के बदले 50 हजार रुपये की मांग की। काफी मोलभाव के बाद मामला 25 हजार रुपये में तय हुआ।

​विजिलेंस टीम को देख खिड़की से फेंकी नोटों की गड्डी

​परेशान होकर कारोबारी ज्योति कुमार ने 24 सितंबर को पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद 5 अक्टूबर को विजिलेंस थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई।
​डीएसपी सतीश चंद्र माधव के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने योजना के तहत परिवादी को 25 हजार रुपये लेकर दफ्तर भेजा। जैसे ही ऑपरेटर ने रिश्वत की रकम ली, विजिलेंस टीम ने कार्यालय में दबिश दे दी। अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने नोटों की गड्डी खिड़की से बाहर फेंक दी, जिसे टीम ने तुरंत बरामद कर लिया। फिलहाल दोनों आरोपियों से सर्किट हाउस में पूछताछ की जा रही है।