भागलपुर। आदमपुर स्थित तपस्वी अस्पताल की बिल्डिंग के पांचवें फ्लोर पर चल रहे एक फ्लैट में पुलिस ने छापेमारी कर बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच शातिर युवकों को गिरफ्तार किया है और मौके से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण तथा कारतूस बरामद किए हैं।
किराए के कमरे से मिला डिजिटल खजाना
सिटी डीएसपी हेमंत कुमार ने बताया कि एसएसपी के निर्देश पर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह छापेमारी की गई। पुलिस टीम ने जब फ्लैट की तलाशी ली, तो वहां से साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाला सामान मिला।
बरामद सामान की सूची:
- 7 मोबाइल फोन
- 4 लैपटॉप और 2 एप्पल आईपैड
- 7 एटीएम कार्ड और 4 पैन कार्ड
- बैंक पासबुक, चेकबुक और डिपॉजिट स्लिप
- 15 जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल
झारखंड का मास्टरमाइंड और ठगी का तरीका
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्णा कुमार सोनी (झारखंड निवासी), तेजस्वी कुमार, नरहरि प्रियदर्शी, सनत कुमार और प्रहलाद कुमार के रूप में हुई है। यह गिरोह आम लोगों से बैंक खाते हासिल करता था, जिनमें साइबर ठगी की अवैध रकम मंगवाई जाती थी। इसके बाद कमीशन काटकर बाकी के पैसे आगे ट्रांसफर कर दिए जाते थे। हालांकि, साइबर अपराध के साथ इतनी बड़ी संख्या में कारतूस मिलने से पुलिस अब हथियारों के इस कनेक्शन की भी गहराई से जांच कर रही है।
आरोपियों के पुलिस पर गंभीर आरोप
कार्रवाई के बाद गिरफ्तार युवकों ने पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि वे पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें फंसाया जा रहा है। आरोपियों का आरोप है कि इस पूरे मामले का मुख्य सरगना एक डीएसपी का भांजा है और पुलिस उसे बचाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, इन आरोपों की किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।
मकान मालिकों को सख्त चेतावनी
इस घटना के बाद पुलिस ने स्थानीय मकान मालिकों के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किराए पर कमरा देने से पहले पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य है। यदि कोई किराएदार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है और उसका सत्यापन नहीं कराया गया है, तो मकान मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके पुराने आपराधिक इतिहास के साथ-साथ नेटवर्क के अन्यूर कनेक्शन की तलाश में जुटी हुई है।

