​भागलपुर/नवगछिया। बिहार के नवगछिया पुलिस लाइन में शनिवार सुबह नवनिर्वाचित उपनिरीक्षक (SI) योगेश कुमार का शव उनके कमरे में फंदे से लटका मिला। महज 8 दिन पहले ही उन्हें सहायक अवर निरीक्षक (ASI) से प्रोमोट कर अवर निरीक्षक बनाया गया था। अचानक हुई इस दुखद घटना से पुलिस महकमे के साथ-साथ उनके परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।

​सुबह 4:30 बजे आखिरी बार दिखे थे योगेश

​साथी पुलिसकर्मियों के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे योगेश पानी की टंकी बंद करने गए थे। वहां से लौटने के बाद वे अपने बैरक स्थित कमरे में चले गए। इसके कुछ देर बाद जब उनकी पत्नी ने पटना से लगातार 20-25 बार फोन किया और कॉल रिसीव नहीं हुआ, तो उन्होंने योगेश के साथियों से संपर्क किया। जब साथी जवान उनके कमरे पर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। खिड़की से झांकने पर योगेश का शव फंदे से लटकता दिखाई दिया।

​फॉरेंसिक टीम और अधिकारियों ने शुरू की जांच

​घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक साइंस प्रयोगशाला (FSL) की टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं से मामले की छानबीन कर रही है।

​तीन महीने पहले हुई थी शादी

​बांका जिले के बौंसी (तप्पाड़ीह गांव) के रहने वाले योगेश कुमार की शादी इसी साल 1 जुलाई को लखीसराय की गुड़िया कुमारी से हुई थी। गुड़िया पटना सचिवालय में कार्यरत हैं। परिजनों के अनुसार, हाल ही में विजयादशमी के मौके पर गुड़िया नवगछिया आई थीं और दोनों ने साथ में त्योहार मनाया था। शादी के महज तीन महीने बाद इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।

​8 बहनों के इकलौते भाई थे योगेश

​योगेश 2020 से नवगछिया में तैनात थे और इससे पहले एसपी के रीडर भी रह चुके थे। पारिवारिक पृष्ठभूमि काफी भावुक करने वाली है; वे आठ बहनों के बीच इकलौते भाई थे। महज तीन साल की उम्र में उनकी सगी मां का निधन हो गया था, जिसके बाद सौतेली मां उर्वशी देवी ने ही उन्हें सगे बेटे की तरह पाला-पोसा।
​फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की तफ्तीश में जुटी है ताकि मौत के असल कारणों का पर्दाफाश हो सके।