भागलपुर। शिवनारायणपुर स्टेशन पर चलती ट्रेन से मोबाइल झपटने की कोशिश करने वाले एक शख्स को यात्रियों ने खिड़की से पकड़ लिया। यह घटना रेल यात्रियों की सुरक्षा और ऐसी स्थितियों में उत्पन्न होने वाले खतरों पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे चोर अपनी हरकत की वजह से लंबी दूरी तक घिसटता रहा।

​चलती ट्रेन में झपटमार की कोशिश

​शिवनारायणपुर स्टेशन पर जब ट्रेन खुली और अपनी रफ्तार पकड़ने लगी, तब एक युवक ने मौका पाकर चलती ट्रेन की खिड़की से एक यात्री का मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की। उसे लगा था कि वह आसानी से मोबाइल लेकर फरार हो जाएगा, लेकिन उसकी यह चाल उसी पर भारी पड़ गई।
​जैसे ही उसने फोन खींचने की कोशिश की, ट्रेन के अंदर बैठे यात्रियों ने तुरंत चतुर्ता और तेजी दिखाते हुए उसका हाथ खिड़की में ही मजबूती से पकड़ लिया। यात्रियों के इस फैसले से चोर की सारी चालाकी धरी की धरी रह गई। वह खिड़की के सहारे लटक गया और ट्रेन की रफ्तार के साथ आगे बढ़ने लगा।

​प्लेटफॉर्म पर दूर तक घिसटता रहा युवक, माफी मांगता रहा

​ट्रेन की गति लगातार बढ़ रही थी और युवक का हाथ खिड़की में फंसा हुआ था। वह न तो खुद को छुड़ाने में सफल हो पा रहा था और न ही ट्रेन के साथ दौड़ पा रहा था। परिस्थिति ऐसी बन गई थी कि वह खुद को बचाने के लिए लगातार यात्रियों से हाथ छोड़ देने की गुहार लगा रहा था।
​वह प्लेटफॉर्म के किनारे तक लटका हुआ घिसटता रहा, जिससे वहां मौके पर हड़कंप मच गया। आखिरकार, जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म के आखिरी छोर पर पहुंची, उसका हाथ छूट गया और वह नीचे पटरी के पास जा गिरा। नीचे गिरते ही वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत दौड़कर पकड़ लिया और अपनी हिरासत में ले लिया। हालांकि, इस आरोपी की पूरी पहचान और उस पर की गई कानूनी कार्यवाही की विस्तृत पुष्टि अभी आना बाकी है।

​रेल यात्रियों की सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल

​इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद रेलवे स्टेशनों और चलती ट्रेनों पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से बहस छिड़ गई है। ऐसे झपटमार दिन-प्रतिदिन यात्रियों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। इनके अचानक हमले से यात्रियों को न सिर्फ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, बल्कि उनकी जान पर भी बन आती है।
​दूसरी तरफ, चलती ट्रेन से किसी आरोपी को इस तरह पकड़ कर घसीटने वाली स्थिति में ट्रेन के अंदर बैठे यात्रियों की जान भी बड़े खतरे में पड़ सकती है। अगर यात्री थोड़ा सा भी असंतुलित हो जाते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे प्रशासन और सुरक्षा बलों को ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए स्टेशनों पर सख्त कदम उठाने की बेहद जरूरत है, ताकि आगे से कोई भी यात्री इस तरह के जोखिम भरे हालात का शिकार न हो।